अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की पूर्ण रुप से वापसी
अमेरिका द्वारा दिए शब्दों का पालन करते हुए ३१ अगस्त को अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोडा़ । इस कारण अब अफगानिस्तान पूर्णरूप से (पंजशीर प्रांत को छोडकर) तालिबान के अधिकार में आ गया है ।
अमेरिका द्वारा दिए शब्दों का पालन करते हुए ३१ अगस्त को अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोडा़ । इस कारण अब अफगानिस्तान पूर्णरूप से (पंजशीर प्रांत को छोडकर) तालिबान के अधिकार में आ गया है ।
अफगानिस्तान के प्रभारी राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के सभी ट्विटर खाते ट्विटर द्वारा बंद कर दिए गए हैं । सालेह वर्तमान में तालिबान के नियंत्रण में गए अफगानिस्तान को मुक्त कराने के लिए सेना को संगठित कर रहे हैं ।
क्या हिन्दू आतंकवादी होने का एक भी उदाहरण है, मुनव्वर राणा के पास ? इसके विपरीत, मुसलमान आतंकवादी हैं, इसे प्रमाणित करने की भी आवश्यकता नहीं है ! – संपादक
इस विषय में भारत के कथित धर्मनिरपेक्षतावादियों और बुद्धिजीवियों को क्या कहना है ?
इससे हिन्दू पुजारी का उच्च कोटि का धर्माभिमान ध्यान में आता है ! ‘धर्माे रक्षति रक्षितः ।’, यह ईश्वर का वचन है । इसपर अटल श्रद्धा रखनेवाला व्यक्ति ही इस प्रकार की कृति कर सकता है !
अफगानिस्तान में हो रही गतिविधियां ‘गजवा-ए-हिन्द’ की संभावना की ओर संकेत कर रही हैं । यदि ऐसा नहीं होने देना है, तो भारत के हिन्दुओं को संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना अपरिहार्य है, यह ध्यान में रखें !
अमेरिका की अफगानिस्तान से वापसी के उपरांत पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की संभावना होने से भारत की समस्याओं में वृद्धि होना
भारत आतंकवादियों से कोई भी संबंध नहीं रखता, ऐसा भारत द्वारा तालिबान को कडे़ शब्दोें में बताना चाहिए !
तालिबान को मान्यता देने पर अथवा ना देने पर आतंकवादी आक्रमण ही होने वाले हैं, यह संपूर्ण विश्व को ज्ञात होने से तालिबान को संपूर्ण नष्ट करना ही इस पर एक मात्र उपाय है और इसे करना चाहिए !
तालिबान द्वारा इस प्रकार की चेतावनी देने का यही अर्थ है, कि तालिबान पाकिस्तान की सहायता कर रहा है एवं ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ ने पाकिस्तान के विरुद्ध कुछ भी कृत्य नहीं करना चाहिए !