तालिबानियों के आतंक के कारण पलायन करने के लिए हजारों अफगानी नागरिकों लोगों की हवाईअड्डे पर भीड !
अफगानिस्तान की इस घटना और समग्र वर्तमान परिस्थिति के संबंध में मानवाधिकार संगठन और इस्लामिक देश अपना मुंह क्यों नहीं खोलते ? या क्या वे यह मानते हैं, कि मुसलमानों द्वारा दूसरे मुसलमानों पर अत्याचार करना उचित है ? – संपादक

काबुल (अफगानिस्तान) – काबुल के हवाईअड्डे पर मची भगदड में कम से कम सात अफगानी नागरिक मारे गए हैं । तालिबान के सत्ता में आने के उपरांत, देश से पलायन के प्रयत्न करने वाले अफगान नागरिकों में भयंकर डर व आतंक का वातावरण है । फलस्वरूप, वे पलायन करने के लिए इस हवाईअड्डे पर हजारों की संख्या में जुट रहे हैं ।
१. ब्रिटिश सेना ने एक वक्तव्य में कहा, कि भीड एवं भगदड के कारण अफगानिस्तान में स्थिति ‘गंभीर’ है । स्थिति को सुरक्षित तरीके से संभालने का प्रयास किया जा रहा है । इसके लिए जो कुछ भी आवश्यक है, वह किया जा रहा है ।
२. दूसरी ओर, अफगानिस्तान से ८७ भारतीयों को लेकर वायुसेना का विशेष विमान सुबह तडके दिल्ली पहुंचा । इसके उपरांत, भारतीय वायु सेना का सी-१७ विमान भी काबुल से १६८ नागरिकों को लेकर आया । अमेरिकी सेना वर्तमान में काबुल हवाई अड्डे पर तैनात है, जिससे भारत एक दिन में दो उडानें संचालित कर सकता है । संयुक्त राज्य अमेरिका भी अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को काबुल हवाई अड्डे से वापस ला रहा है ।
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