
रामनाथी, फोंडा, गोवा – भारत की विजय के लिए, वैसे ही सैनिकों सहित देश-विदेश के साधकों एवं समस्त धर्मप्रेमियों की रक्षा के लिए ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के निमित्त २० एवं २१ मई को गोवा अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मैदान पर शतचंडी याग संपन्न हुआ ।
शतचंडी याग के निर्विघ्न पूर्ण होने एवं सनातन संस्था का कार्य उत्तरोत्तर बढता रहे, इसके लिए २२ मई को रामनाथी, गोवा स्थित सनातन संस्था के आश्रम में भावपूर्ण वातावरण में ‘श्री ललिता त्रिशती देवी’ की पूजा की गई । इस पूजा में तमिलनाडु के श्री. गुरुमूर्ति शिवाचार्य, श्री. अरुण कुमार गुरुमूर्ति ने त्रिपुरासुंदरी त्रिशती देवी के ३०० नाम उच्चारण करते हुए पुष्पार्चन किया ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणियां श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी एवं सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, साथ ही श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी एवं सद्गुरु डॉ. मुकुल गाडगीळजी ने पूजा का यजमानपद शोभायमान किया । इस अवसर पर सनातन के उपस्थित संतों एवं साधकों ने पूजा की संकल्पपूर्ति के लिए श्री ललिता देवी के चरणों में मनोभाव से प्रार्थना की ।
| ललिता देवी की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त होने के लिए श्री ललिता त्रिशती देवी की पूजा की जाती है । यह पूजा करने से साधकों एवं धर्मप्रेमियों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर उन्हें मानसिक शांति प्राप्त होती है, वैसे ही आध्यात्मिक प्रगति होने में सहायता मिलती है । इसके साथ ही यह पूजा साधकों एवं धर्मप्रेमियों के मन एवं आत्मा को शुद्ध करती है । |
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