देहली में, अपने घर में पूजा करते समय घंटी एवं शंख बजाने पर, पडोसी धर्मांधों द्वारा हिन्दू परिवार को दी हत्या करने की धमकी !
हिन्दू परिवार का मानना है, कि यह धर्मांधों की बढी हुई संख्या का परिणाम है !
पुलिस द्वारा कोई अपराध प्रविष्ट नहीं किया गया !
हिन्दू परिवार का मानना है, कि यह धर्मांधों की बढी हुई संख्या का परिणाम है !
पुलिस द्वारा कोई अपराध प्रविष्ट नहीं किया गया !
जो समाज तथा नागरिकों के हित में नहीं है, वह प्रत्येक बात प्रतिबंधित करनी चाहिए । मद्य, तंबाकू एवं गुटखा के सेवन पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए !
इस प्रकार आतंकियों को दंड देकर उन्हें पालते रहने की अपेक्षा, उन्हें मृत्यु दंड ही मिलना चाहिए ; ऐसा ही देशभक्तों को लगता है !
ऐसे लोगों के विरुद्ध केवल अपराध पंजीकृत कर न रुकते हुए, उन्हें बंदी बनाकर कारागार में बंद कर देना चाहिए !
उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीष आर.वी. रवींद्रन यह इस समिति के प्रमुख होंगे । आलोक जोशी और संदीप ओबेरॉय ये सदस्य होंगे ।
ऐसे राष्ट्रद्रोहियों को फांसी की सजा होनी चाहिए !
काँग्रेस सरकार ने हिन्दुओं को लक्ष्य कर मुसलमानों को खुश करने के लिए ही यह आदेश दिया है, यह जगजाहिर है । धर्मनिरपेक्ष देश में प्रत्येक धर्म वालों को उनके धर्म पालन करने की धार्मिक स्वतंत्रता संविधान में दी है, उसका यह खुले तौर पर उल्लंघन है । इसका हिन्दुओं द्वारा और उनके संगठनों द्वारा प्रखर विरोध होना चाहिए !
इनमें उमर सिद्दीकी अझरुद्दीन, अहमद हुसेन, फक्रुद्दीन, फिरोज आलम उपनाम पप्पू, नुमान अन्सारी, इफ्तिखार आलम, हैदर अली उपनाम अब्दुल्ला उपनाम ब्लैक ब्युटी, मोहम्मद आलम उपनाम पप्पू मोजिबुल्ला अन्सारी और इम्तियाज अन्सारी उपनाम आलम शामिल हैं ।
धर्मनिरपेक्ष भारत में, धर्म पर आधारित ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ क्यों ?
कर्नाटक में भाजपा सरकार का अभिनंदनीय निर्णय ! सरकार को सभी मंदिरों का सरकारीकरण निरस्त करके, उन्हें भक्तों के नियंत्रण में देने का निर्णय लेना चाहिए ; अब हिन्दू ऐसा ही सोचते हैं !