भारत से नहीं, अपितु, आंतरिक धार्मिक कट्टरपंथियों से पाकिस्तान को संकट है ! – पाकिस्तान के मंत्री का कथन
देर से ही सही, पाकिस्तान समझा तो ! संकट किससे है ! किन्तु, वह इस धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सकता ; यह भी उतना ही सत्य है !
देर से ही सही, पाकिस्तान समझा तो ! संकट किससे है ! किन्तु, वह इस धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सकता ; यह भी उतना ही सत्य है !
‘कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार की भूमिका अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है । सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसानों के अन्य सूत्रों पर भी चर्चा करनी चाहिए’, ऐसा भी टिकैत ने कहा ।
प्रधानमंत्री मोदी ने आवाहन किया है कि, ‘आंदोलनकारी किसान अपने घरों को जाएं, खेतों में जाकर काम आरंभ करें, एक नया प्रारंभ करें ।
इसके पूर्व, सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक बार तथा विविध उच्च न्यायालयों ने सरकार को विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, देश में समान नागरिक कानून लागू करने का परामर्श दिया है ; परंतु, यह लज्जाजनक बात है, कि अब तक एक भी दल की सरकार ने समान नागरिक कानून बनाने का प्रयास नहीं किया है ।
गाय का गोबर और गोमूत्र का सेवन करने से मनुष्य का मन, शरीर और आत्मा शुद्ध बनते हैं !
सर्वाेच्च न्यायालय का अधिवक्ताओं को आदेश
सर्वाेच्च न्यायालय ने कहा है कि स्पर्श कपडों के उपर से है अथवा स्कीन टू स्कीन (शरीर का शरीर से सीधा स्पर्श होना) इस पर ही हम मंथन करते बैठे, तो उससे पॉक्सो कानून का मूल उद्देश्य ही बाजू में हो जाएगा ।
इससे प्राचीन काल में संपूर्ण विश्व में हिन्दू संस्कृति का अस्तित्व था, यह पुनः एक बार स्पष्ट होता है ।
सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने की दी गई अनुमति को रद्द करने पर, पाकिस्तान की तडपडाहट !
क्या ११७ बार वाहन नियमों का उल्लंघन होने तक पुलिस सो रही थी ?