
हरिद्वार (उत्तराखंड) – हम स्वयं कुछ नहीं करते, भगवान ही हमसे करवा लेते हैं । धर्मप्रसार के कार्य के लिए आपको चुना जाना सौभाग्य की बात है । यह धर्म की रक्षा का कार्य है । ऐसा मार्गदर्शन, कर्नाटक के स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती ने यहां किया । हिंदू जनजागृति समिति के तत्वावधान में, कुंभ मेले के अवसर पर, गंगा नदी के सामने बडे हनुमान मंदिर प्रतिष्ठान के परिसर में धर्मजागृति प्रदर्शनी लगाई गई । इस प्रदर्शनी स्थल के भूमिपूजन एवं धर्मध्वज पूजन के अवसर पर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती ने मार्गदर्शन किया । इस समय, हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक, सद्गुरु (डॉ. ) चारुदत्त पिंगले तथा सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री.चेतन राजहंस उपस्थित थे ।
स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती ने आगे कहा, ‘चूंकि आपने अपने विगत जीवन में भगवान श्री रामचंद्र की सेवा की है, अब एक बार पुनः आप सभी को धर्म के प्रसार का अवसर मिला है । इसलिए, अब आप पृथ्वी पर जन्म नहीं लेंगे । अब आप श्रेष्ठ देवदूत बनने जा रहे हैं । यदि आवश्यकता पडी, तो आप हमारे जैसे संत के रूप में जन्म लेंगे । आप बहुत भाग्यशाली हैं । जहां एक ओर वर्तमान युवा पीढी विनाश की ओर जा रही है, आप जैसे युवाओं को देखना बहुत संतोषजनक है । जिनकी क्षमता है, वे ही इस कार्य से जुड जाएंगे । ईश्वर की कृपा से, मैं आपके साथ हूं । गुरु की आज्ञा का पालन करें । भारत का नवनिर्माण आपके माध्यम से होने जा रहा है । सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार ही होता है । सुख एवं दुःख भगवान का प्रसाद ही है, ऐसा ही भाव रखें ।’ उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न केवल इस राष्ट्र, अपितु आकाश एवं ग्रहों पर भी, जहां धर्म का पालन नहीं किया जाता है, वहां आप धर्मपालन का प्रयास करेंगे ।
स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती द्वारा साधकों को दिया हुआ आशीर्वादइस अवसर पर साधकों को आशीर्वाद देते हुए, स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती ने कहा, ‘आपको कोई समस्या नहीं होगी तथा आप सदैव स्वस्थ रहेंगे । आप में आनंद है, आप सभी सेवाएं अत्यंत भावपूर्ण कर रहे हैं । आप जैसी पवित्र आत्माओं से मिलकर मुझे आनंद हुआ । यहां लोग कुछ मांगने के लिए आते हैं । आप यहां देने के लिए आए हो ।’ |

बडे हनुमानजी मंदिर प्रतिष्ठान मठ एवं कर्नाटक (उडपी) के पल्लिमार मठ के मठाधीश, प.पू. श्री विद्याधीशतीर्थ स्वामीजी तथा मठके प्रबंधक श्री. कृष्णकुमार आचार्य जी ने इस धर्मजागृति प्रदर्शनी के लिए बडे हनुमान मंदिर के परिसर में स्थान उपलब्ध कराया । बडे हनुमानजी मंदिर के पुजारी श्री. ओंकारनाथ शुक्ल का भी इस कार्य के लिए समर्थन प्राप्त है ।
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