यहां के कृष्णापट्टम गांव में हजारों की संख्या में कोरोना की आयुर्वेदिक दवा लेने के लिए लोग तीन-तीन किमी की लंबी कतार में खडे दिखाई दे रहे हैं । ‘यह दवा कोरोना का इलाज करती है’, दवा उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ दवा निर्माता बोगिनी आनंदय्या ने भी यह दावा किया है । आनंदय्या की दवा नेत्रों में डालने के उपरांत ऑक्सीजन का स्तर बढता है । खास बात यह है कि, आनंदय्या यह दवा निःशुल्क दे रहे हैं ।मुख्य बात यह है कि, कई नेता और अधिकारी उनकी दवा की गुणवत्ता का लाभ उठा रहे हैं और आनंदय्या के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं । इसकी ओर मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने ध्यान दिया है ।