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नाशिक – चांडक सर्कल के समीप रिक्शा चालकों ने अपने वाहनों से नींबू-मिर्च एवं काली गुडिया हटा दी है । नगर के सिटू भवन में हाल ही में महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) द्वारा आयोजित ‘बुवाबाजी विरोधी’ परिषद में ‘नींबू-मिर्च तोडो, विवेक से जुडो’ जैसे नारे लगाए गए थे । इसी पृष्ठभूमि में इस घटना के होने की संभावना है ।
रिक्शा चालकों का कहना था कि “नींबू-मिर्च केवल भोज्य वस्तुएं हैं, उनका शुभ-अशुभ से कोई संबंध नहीं है ।” इस आंदोलन में रिक्शा चालक शरद भामरे, दिलीप देवरे, गणपत सोनवणे के साथ अंनिस के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे । (आज रिक्शा से नींबू-मिर्च हटाई गई, कल यही लोग घरों से देवी-देवताओं की मूर्तियां व चित्र हटाने के लिए कहेंगे या कुलधर्म-कुलाचार को भी ‘अंधविश्वास’ बताकर त्यागने को कहेंगे । रिक्शा चालकों की यह कार्रवाई हिन्दू धर्म पर एक प्रकार का सांस्कृतिक आक्रमण ही है ! – संपादक)
संपादकीय भूमिका
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