(और इनकी सुनिए…) ‘श्रीराम एवं कृष्ण मृग का मांस खाते थे, मद्यपान भी करते थे !’ – Dhruv Rathee

कुप्रख्यात यूट्यूबर ध्रुव राठी की हिन्दुद्रोही टिप्पणियां

(‘यूट्यूबर’ अर्थात यूट्यूब पर चलचित्र प्रसारित करने वाला ।)

कुप्रख्यात यूट्यूबर ध्रुव राठी

नई देहली – रामायण तथा महाभारत में ऐसे उदाहरण प्राप्त होते हैं कि, राम एवं श्रीकृष्ण को मांस भक्षण तथा मद्यपान करते हुए दर्शाया गया है । सीता गंगा नदी को मांसाहार का नैवेद्य अर्पण करती थीं । साथ ही ‘कृष्ण एवं अर्जुन ये दोनों भी मद्यपान करते थे’, ऐसा स्वामी विवेकानंद की ‘ईस्ट एंड वेस्ट’ पुस्तक के ‘उद्योग पर्व’ नामक ५८ वें अध्याय में उल्लेखित है, ऐसा दावा प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने एक यूट्यूब कार्यक्रम में किया है । (श्रीरामनवमी की पूर्वसंध्या पर ध्रुव राठी को यह सूचना देने की दुर्बुद्धि कैसे सूझी ? मिथ्या कथाएं गढकर हिन्दुओं के उत्सवों के समय उनका बुद्धिभेद कैसे किया जा रहा है, यह जानें ! – संपादक) यह वीडियो प्रसारित हो रहा है तथा इस वक्तव्य के कारण राठी की अत्यंत आलोचना की जा रही है । साथ ही राठी पर कार्रवाई की मांग भी की जा रही है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘पांडवों द्वारा वनवास में मृगों की हत्या करने से वे विलुप्त हो गए !’

ध्रुव राठी ने आगे कहा कि, श्रीराम वनवास में रहते हुए मांस का सेवन करते थे । वनवास के १२ वर्षों की दीर्घ अवधि में क्या ‘पनीर बटर मसाला’ या फल खाकर जीवित रहना संभव है ? महाभारत के ‘वन पर्व’ के २५६ वें अध्याय में लिखा है कि, युधिष्ठिर को एक स्वप्न आया था । उस स्वप्न में अनेक मृग उनकी ओर आते हुए दिखाई दे रहे हैं; किंतु उनके भाइयों ने इन मृगों की व्यापक स्तर पर हत्या की । यह वध इतनी बडी संख्या में किया गया कि, उस समय मृग विलुप्त हो गए थे । (मूलतः महाभारत संस्कृत भाषा में लिखा गया है । संस्कृत भाषा सीखकर उसे समझने में बहुत समय व्यतीत होता है । फिर जर्मनी में बैठकर ध्रुव राठी को महाभारत में क्या लिखा है, यह कैसे ज्ञात हुआ ? – संपादक) इस विषय में युधिष्ठिर द्वारा शोक व्यक्त करने की बात महाभारत में कही गई है । साथ ही पांडवों द्वारा लगभग डेढ वर्ष तक मृग का मांस खाकर समय व्यतीत करने का उल्लेख भी महाभारत में है, ऐसा उसने कहा है ।

संपादकीय भूमिका

ध्रुव राठी विदेश में बैठकर इस प्रकार के हिन्दुद्रोही तथा भारतद्रोही वक्तव्यों वाले वीडियो बनाकर प्रसारित कर रहा है । इस प्रकरण में भारत सरकार को कठोर कार्रवाई करते हुए उसे विदेश से बंदी बनाकर भारत लाना आवश्यक है ! यदि इजराइल जैसा देश होता, तो उसने ऐसे व्यक्तियों को पकडकर लाया होता !