हम समीर गायकवाड जैसे और कितने लोगों की मृत्यु होने देंगे ?

समीर गायकवाड की श्रद्धांजली सभा में हिन्दुत्वनिष्ठों का क्षोभपूर्ण प्रश्न

कोल्हापूर, २४ जनवरी (संवाददाता) : निर्दाेष हिन्दुत्वनिष्ठ स्व. समीर गायकवाड कॉ. गोविंद पानसरे हत्या प्रकरण में प्रशासनिक व्यवस्था एवं तथाकथित आधुनिकतावादियों की ‘इकोसिस्टम’ (व्यवस्था) के झूठे आरोपों के लक्ष्य बन गए । केवल सनातन संस्था का साधक होने से उन्हें कारागृह जाना पडा तथा उसमें उनके निर्दाेष परिजन भी पीस गए । अतः आनेवाले समय में हम ‘समीर गायकवाड जैसे लोगों के और कितने लोगों के मृत्यु होने देंगे ?’, यह क्षोभपूर्ण प्रश्न उठाते हुए समीर के परिजनों को सरकार से ठोस सहायता मिले, ऐसी हिन्दुत्वनिष्ठों ने सर्वसम्मति से मांग की ।

श्रद्धांजली सभा में मनोगत व्यक्त करते हुए अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर

यह मांग यहां के राधाकृष्ण मंदिर में स्व. समीर गायकवाड के लिए आयोजित श्रद्धांजली सभा में की गई । इस सभा में शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे दल के करवीर तहसीलप्रमुख श्री. राजू यादव ने स्व. समीर के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की ।

श्रद्धांजली सभा में मनोगत व्यक्त करते हुए श्री. राजू यादव

‘सकल हिन्दू समाज’, ‘समस्त हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन’ एवं ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ की ओर से इस श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया था । इस सभा में स्व. समीर गायकवाड के लिए अभियोग लडनेवाले अधिवक्ताओं में से एक हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने कहा, ‘‘कॉ. गोविंद पानसरे की हत्या के दिन स्व. समीर गायवकवाड पालघर में थे, तब भी वे व्यवस्था एवं प्रसारमाध्यमों का लक्ष्य बने तथा उन्हें कॉ. पानसरे की हत्या के आरोप सहन करना पडा । डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में शरद कळसकर एवं सचिन अंधुरे को दंड मिलने पर ‘मेरे निर्दाेष होने पर भी मुझे ऐसा दंड मिल सकता है’, इसका तनाव निरंतर उनके मन पर था । ‘मीडिया ट्रायल’के कारण (माध्यमों द्वारा न्यायाधीश की भूमिका में रहकर किया जानेवाला वार्तांकन) उन्हें कारागृह में रहना पडा तथा अधिक सुरक्षा के नाम पर कारागृह में उन्हें बडे उत्पीडन का सामना करना पडा ।’’

शिवसेना के उपजिलाप्रमुख श्री. किशोर घाटगेने कहा, ‘‘हम हमारे दल के नेताओं के साथ बातचीत कर स्व. समीर को ठोस आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे । स्व. समीर की स्मृतियां चिरंतन रहने हेतु उनके नाम से व्यासपीठ आरंभ करना, एंब्युलेंस चलाना जैसा कुछ ठोस करने से उनका नाम निरंतर स्मृति में रहेगा ।’’ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उपजिल्हाप्रमुख श्री. भगवंतराव जांभळे ने कहा, ‘‘न्यायव्यवस्था में स्थित त्रुटियों के कारण स्व. समीर जैसे अनेक लोगों के अभियोग लंबित स्थिति में हैं । आनेवाले समय में हिन्दुत्वनिष्ठ शासन को इसमें प्रधानता लेकर ऐसे सभी अभियोगों का शीघ्रातिशीघ्र निपटारा कैसे होगा ?, यह देखना चाहिए ।’’

स्व. समीर गायकवाड

शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे दल के करवीर तहसीलप्रमुख श्री. राजू यादव ने यह मांग करते हुए कहा, ‘‘अभियोग समाप्त होने पर यदि स्व. समीर निदोॅष सिद्ध हुए, तो उन्हें जिन पुलिस अधिकारियों ने बंदी बनाया, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए ।’’ सनातन संस्था के डॉ. मानसिंह शिंदे ने कहा, ‘‘कसाब जैसे कुख्यात आतंकवादी को अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है; परंतु कोल्हापुर के आधुनिकतावादियों ने स्व. समीर को अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने दिया, यह दुर्भाग्यजनक है ।’’ सूत्रसंचालक श्री. बाबासाहेब भोपळे ने यह आवाहन करते हुए कहा, ‘‘हिन्दू धर्म के लिए कार्य करनेवाले स्व. समीर जैसी मृत्यु किसी को न मिले; इसके लिए हम सभी को प्रयास करने चाहिएं ।’’

सभा के आरंभ में भूमिका स्पष्ट करते हुए श्री. बाबासाहेब भोपळे तथा उपस्थित हिन्दुत्वनिष्ठ

इस श्रद्धांजली सभा में हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. कमलाकर किलकिले, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के श्री. अशोक गुरव, अधिवक्ता रणजितसिंह घाटगे, हिन्दू एकता आंदोलन के श्री. दिलीप भिवटे, हिन्दू महासभा के प्रवक्ता श्री. सुनील सामंत, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. शिवानंद स्वामी तथा भाजपा महिला मोर्चा की महासचिव श्रीमती वंदना बंबलवाड ने भी अपना मनोगत व्यक्त किया । इस सभा में ‘मराठा तितुका मेळवावा’के श्री. योगेश केरकर, श्री. प्रमोद सावंत सहित विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।