सहस्रों एकड भूमि के घोटाले की जांच हेतु धाराशिव के जिलाधिकारी द्वारा ३ सदस्यीय समिति का गठन !

  • श्री तुळजाभवानी मंदिर की सहस्रों एकड भूमि के संदर्भ में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ द्वारा दिए गए ज्ञापन का प्रभाव !

  • १५ दिनों में प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने का आदेश

धाराशिव – महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक श्री सुनील घनवट ने श्री तुळजाभवानी देवी मंदिर के स्वामित्व वाली सहस्रों एकड भूमि के घोटाले की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था । इस विषय की गहन जांच कर देवस्थान की समस्त भूमि तत्काल मंदिर के नियंत्रण में लेने के विषय में उन्होंने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को एक ज्ञापन सौंपा था । इस संदर्भ में धाराशिव के जिलाधिकारी श्री कीर्ति पुजार ने एक ३ सदस्यीय समिति का गठन किया है । इसमें अपर जिलाधिकारी श्रीमती ज्योति पाटिल को अध्यक्ष, उपविभागीय अधिकारी ओंकार देशमुख को सदस्य-सचिव, तथा शासकीय अधिवक्ता (सरकारी वकील) महेंद्र देशमुख को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है । जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेश में उल्लेख किया गया है कि यह समिति २५ जून को दिए गए ज्ञापन के परिप्रेक्ष्य में समस्त अभिलेखों (दस्तावेजों) का सत्यापन कर गहन जांच करे तथा १५ दिनों में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करे ।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ज्ञापन  देते हुए

जिलाधिकारी के आदेश में यह भी अंकित है कि इस संदर्भ में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने २९ जून को जांच का आदेश दिया था । यह समिति राजस्व अभिलेखों एवं वैधानिक पक्षों का सूक्ष्म सत्यापन कर अपना प्रतिवेदन जिलाधिकारी को सौंपेगी ।

क्या है यह प्रकरण ?

तत्कालीन निजाम शासन ने श्री तुळजाभवानी देवी को १ सहस्र ६६६.१४ हेक्टेयर अर्थात लगभग ४ सहस्र १२१.१४ एकड भूमि इनाम (उत्कोच/दान) के रूप में प्रदान की थी । विधि (कानून) के अनुसार इस भूमि का क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकता तथा इस पर ‘कौल अधिनियम’ (कुळ कायदा) भी लागू नहीं होता । ऐसा होने पर भी, राजस्व अधिकारियों एवं अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत से सहस्रों एकड भूमि हडपने का आरोप है । इस संदर्भ में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक श्री सुनील घनवट द्वारा दिए गए विस्तृत ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने धाराशिव के जिलाधिकारी को इस विषय में तत्काल जांच समिति नियुक्त कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया है । तदनुसार इस समिति का गठन किया गया है ।