Baglamukhi Temple Fund Theft : मध्यप्रदेश के माँ बगलामुखी शक्तिपीठ में दान की चोरी – ३ वर्षों से झूठी (फर्जी) समिति चढ़ावा एकत्र कर रही थी ।

भोपाल (मध्यप्रदेश) – आगर-मालवा जिले के नलखेडा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान की राशि को लेकर एक बडा विवाद सामने आया है । मंदिर के नाम पर एक गैर-सरकारी अर्थात फर्जी निजी समिति बनाकर श्रद्धालुओं से नकद राशि तथा सोने-चांदी के आभूषण दान के रूप में हडपने का आरोप है । इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आगर-मालवा की जिलाधिकारी प्रीति यादव ने ७ जुलाई को ३ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया । यह समिति ७ दिनों के भीतर पूरे प्रकरण की जांच कर अपना विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी ।

१. जिलाधिकारी कार्यालय में प्रविष्ट कराई गई शिकायत के अनुसार मंदिर परिसर में शासकीय प्रबंधन समिति के अतिरिक्त एक गैर-सरकारी (निजी) समिति कार्यरत थी । यह समिति मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं से नकद राशि, सोना तथा चांदी दान के रूप में एकत्र कर रही थी ।

२. आभूषण अथवा धनराशि के रूप में अर्पित दान को सरकारी खजाने में जमा करने के स्थान पर निजी बैंक खातों में भेजा जा रहा था । इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आर्थिक अभिलेखों में बडी मात्रा में हेरफेर किया गया । साथ ही श्रद्धालुओं को भ्रमित करने के लिए झूठी रसीदें भी दी जा रही थीं ।

३. मंदिर परिसर में वर्तमान में ७ सूचना-पट्ट लगाए गए हैं । उन पर चांदी दान करने वाले १७० लोगों के नाम प्रविष्ट किए गए हैं, किन्तु इसके बाद कितने लोगों ने मंदिर में आभूषण अथवा धनराशि अर्पित की, इसकी कोई भी जानकारी मंदिर में उपलब्ध नहीं है और न ही यह जिला प्रशासन को दी गई है ।

संपादकीय भूमिका

मंदिरों का प्रबंधन भक्तों के हाथों में सौंपना क्यों आवश्यक है ?, इसे रेखांकित करने वाली घटना ।