Gnanasaraswati Temple Prasad : सरकारीकरण हुए ज्ञानसरस्वती मंदिर द्वारा बंद किया गया प्रसाद-वितरण पुनः आरंभ

तेलंगाणा में हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के आंदोलन को सफलता

कार्यकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए समिति के श्री चेतन गाडी तथा अन्य कार्यकर्ता

भाग्यनगर (तेलंगाना) – तेलंगाना के बसर स्थित ज्ञानसरस्वती मंदिर सरकारी प्रबंधन के अंतर्गत है । इस मंदिर को वित्तीय हानि होने का कारण बताकर प्रसाद-वितरण बंद कर दिया गया था । इसके साथ ही यहां विक्रय किए जाने वाले लड्डू का मूल्य भी बढ़ा दिया गया था । इसके विरोध में हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति द्वारा किए गए आंदोलन के उपरांत धर्मादाय विभाग द्वारा ये दोनों निर्णय निरस्त कर दिए गए । इसे सभी हिन्दू संगठनों के संगठित प्रयासों को मिली सफलता माना जा रहा है । इस सफलता के लिए सनातन संस्था के संस्थापक गुरुदेव सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले तथा ज्ञानसरस्वती देवी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई ।

१. मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने सूचना फलक पर एक सूचना लगाई थी । अक्षरारंभ विधि के लिए १५० रुपये शुल्क लेते समय प्रसाद के रूप में एक लड्डू दिया जाता था; किन्तु मंदिर ने उसमें वित्तीय हानि होने का कारण बताकर वह प्रसाद देना बंद कर दिया । साथ ही आधा किलो लड्डू का मूल्य १०० रुपये से बढ़ाकर १५० रुपये करने का भी निश्चय किया ।

२. यह विषय ध्यान में आने के पश्चात हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के मार्गदर्शन में विविध हिन्दू संगठन एकत्र आए । प्रतिनिधिमंडल ने बसर जाकर आंदोलन किया तथा ज्ञापन सौंपा । स्थानीय विधायकों से भी इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई । तत्पश्चात भाग्यनगर स्थित धर्मादाय विभाग के अतिरिक्त आयुक्त को भी ज्ञापन सौंपकर यह निर्णय वापस लेने की दृढ़ मांग की गई ।

३. इस सातत्यपूर्ण अनुवर्तन (फालोअप) के परिणामस्वरूप धर्मादाय विभाग ने सूचना वापस ले ली । प्रसाद के रूप में दिया जाने वाला लड्डू पुनः देना आरंभ किया गया है तथा आधा किलो लड्डू का मूल्य बढ़ाने का निर्णय भी निरस्त कर दिया गया है । इस कारण वह पूर्ववत १०० रुपये में ही उपलब्ध होगा ।