सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति के साधकों के लिए सूचना !

मई 2025 में गोवा में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ सम्पन्न हुआ । इसके पश्चात कुछ जिलों में पुलिस इस महोत्सव के संदर्भ में सनातन संस्था के साधकों तथा हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर रही है । विशेष रूप से उत्तर महाराष्ट्र, विदर्भ, कोकण के कुछ साधकों या कार्यकर्ताओं से मोबाइल फोन द्वारा, तो कुछ से उनके घर जाकर पूछताछ की जा रही है ।
वास्तव में, ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ यह एक सार्वजनिक उत्सव था, जो सभी के लिए खुला था और इसका ‘लाइव प्रसारण’ भी किया गया था । इस कार्यक्रम में देशभर से विभिन्न संत-महंत, गोवा के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री जैसे जनप्रतिनिधियों सहित उच्चपदस्थ अधिकारी, समाज के मान्यवर हितचिंतक, जिज्ञासु तथा सनातन के साधक एवं सहस्रों भक्त उपस्थित थे । महाराष्ट्र राज्य और देश में हिंदुत्वनिष्ठ पार्टी की सरकार होने के बाद भी इस प्रकार की पूछताछ होना आश्चर्यजनक है । इस प्रकार की पूछताछ तबलीगी जमात या धर्मांतरण करने वाले ईसाइयों के कार्यक्रमों की तो नहीं की जाती । इस कार्यक्रम में उपस्थित रहना, यह साधकों और हितचिंतकों के लिए गर्व की बात है । अतः ऐसी पूछताछ से घबराएं नहीं, दृढतापूर्वक उत्तर दें ।
एक जिले में 2 पुलिसकर्मी और उनके साथ 1 महिला पुलिसकर्मी एक साधक के घर जाकर उनकी पूछताछ कर रहे थे ।उन्होंने महोत्सव के संदर्भ में प्रश्न पूछे । उस समय उस साधक ने जब उन पुलिसकर्मियों की पहचान पूछी, तब उन तीनों में से एक ने केवल उपनाम (सरनेम) बताकर संक्षिप्त उत्तर दिया । एक अन्य जिले में 2 पुलिसकर्मी और उनके साथ 1 महिला पुलिसकर्मी जब एक साधक के घर गए, तब उनकी 12 वर्षीय पुत्री घर में अकेली थी । तब उसने घर का सुरक्षा दरवाज़ा (सेफ्टी डोर) न खोलते हुए दृढतापूर्वक कहा, “मेरे माता-पिता घर पर नहीं हैं, इसलिए आप तब आइए जब वे घर पर हों ।”
इन दोनों घटनाओं को देखते हुए, महोत्सव के संदर्भ में या संस्था-समिति से संबंधित किसी भी विषय पर पुलिस द्वारा संपर्क करने पर अथवा घर आकर पूछताछ करने पर साधकों को निम्नलिखित कार्यवाही करनी चाहिए :
१. अगर पुलिसकर्मी मोबाइल से कॉल करें तो सबसे पहले उनका नाम, थाना आदि पूछें । यदि वे घर पर पूछताछ के लिए आए हों, तो उनसे पहचान पत्र (ID) दिखाने को कहें ।
२. उनकी पहचान जानने के बाद, उन्होंने जो प्रश्न पूछे हैं, उनका बिना घबराए, शांतिपूर्वक और दृढतापूर्वक उत्तर दें ।
३. यदि पुलिसकर्मी आपकी पहचान पूछें तो अपनी पहचान बता दें ।
४. कुछ स्थानों पर पुलिस यह कहकर कि “जिले से गोवा महोत्सव में गए साधकों की सूची हमारे पास है,” साधकों के नाम, संपर्क क्रमांक आदि मांगती है । ऐसी स्थिति में उनसे लिखित पत्र देने को कहें ।
५. यदि पुलिस पूछताछ करे, तो उसके बारे में जिले में अपने उत्तरदायी साधक को सूचित कर जानकारी दें ।
६. यदि आपकी इमारत या आसपास के परिसर में ‘CCTV कैमरे’ लगे हैं, तो उनके द्वारा आपके पास आए व्यक्तियों के चित्र भी सुरक्षित रखें ।
७. महोत्सव के विषय में या जिस विषय पर वे पूछताछ कर रहे हैं, उसके बारे में वे पूछताछ क्यों कर रहे हैं ? यह कारण उनसे पूछें ।
८. पुलिस से यह संवाद नम्रता से करें ।
साधकों को स्वभावदोष एवं अहं के निर्मूलन की प्रक्रिया सिखाकर स्वसूचनाओं के द्वारा स्वभावदोषों पर विजय प्राप्त करने का मार्गदर्शन करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी !
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