
मई २०२५ में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉक्टर जयंत आठवलेजी के ८३वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में सनातन संस्था ने गोवा में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन किया । जिस समय पृथ्वी पर सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव संपन्न हुआ, उसी समय भगवान श्रीविष्णु ने उनके वैकुंठलोक में भी शंखनाद किया । ईश्वर ने अब धर्मसंस्थापना का समय निकट आने से शंखनाद किया । ईश्वर के द्वारा वैकुंठ में किए शंखनाद का स्थूल परिणाम पृथ्वी पर वर्ष २०२५ की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से लेकर वर्ष २०२६ की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक घटित होनेवाली कुछ वैश्विक घटनाओं के माध्यम से दिखाई देगा ।
– सप्तर्षि जीवनाडी (पू. डॉ. ॐ उलगनाथन्जी के माध्यम से, चेन्नई, तमिलनाडु, १३.८.२०२५)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?