धर्म एवं संस्कृति के पुनरजीवन के लिए समर्पित भाव से कार्य करनेवाले राहुल दीवान !

श्री. राहुल दीवान व्यवसायी, ‘एन्जल इन्वेस्टर’ (नए व्यवसायियों को निधि की आपूर्ति करनेवाले), ‘ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर’के प्रचारक, ‘सरयु फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट’ एवं ‘सृजन टेक्नॉलॉजीस’ के संस्थापक एवं मुख्याधिकारी हैं । ‘सरयु फाउंडेशन’ यह ‘एंटरप्राईज वेब कंटेंट मैनेजमेंट कन्सल्टिंग एंड डेवलपमेंट’ का प्रतिष्ठान है । इसके नई देहली, गुडगांव, गोवा, बेंगळुरू एवं सैन फ्रान्सिस्को में कार्यालय हैं । ‘सृजन टेक्नॉलॉजीस’ यह ‘ड्रुपल’का उपयोग मुख्य तकनीक के रूप में करती है (‘ड्रुपल’ एक खुला प्लॅटफॉर्म है और उसका उपयोग जालस्थलों को विकसित करने के लिए किया जाता है ।) एवं ‘ऑनलाईन’ व्यवसायियों के लिए उत्पाद तैयार करती है । श्री. दीवान एक लेखक, ‘ब्लॉगर’ एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं । वर्ष २०१६ में श्री. दीवान ने ‘संगम टॉक्स’ नामक ‘यू ट्यूब चैनल’ शुरू किया है । उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक पुनरुज्जीवन के कार्य के लिए जीवन समर्पित किया है । श्री. दीवान द्वारा दिए गए उनके कार्य की जानकारी यहां प्रस्तुत है ।

श्री. राहुल दीवान


विशेष सदर


छत्रपति शिवाजी महाराजजी के हिंदवी स्वराज्य के लिए मावळे (सैनिक) एवं धर्मयोद्धाओं द्वारा किया गया त्याग सर्वोच्च है, उसीप्रकार आज भी अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिक धर्म-राष्ट्र की रक्षा हेतु ‘धर्मयोद्धा’ के रूप में कार्य कर रहे हैं । उनकी और उनके हिन्दू धर्मरक्षा के संघर्ष की जानकारी देनेवाले ‘हिन्दुत्व के धर्मयोद्धा’ इस स्तंभ द्वारा अन्यों को भी प्रेरणा मिलेगी । इन उदाहरणों से हमारे मन की चिंता दूर होकर उत्साह निर्माण होगा ! – संपादक

१. हिन्दू धर्म एवं संस्कृति के पुनरुत्थान के कार्य की ओर कैसे मुडे ?

‘हिन्दुत्व राष्ट्रीयत्व और राष्ट्रीयत्व ही हिन्दुत्व’, ऐसा उनका मत है । उनके लिए हिन्दुत्व एवं राष्ट्रवाद में भेद नहीं । दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ।


वर्ष २०१२ में उन्होंने श्री. संजीव संन्याल की ‘द इंडियन रिनायसन्स’ और तत्पश्चात श्री. मिशेल डैनिनो द्वारा लिखित ‘द लॉस्ट रिवर : ऑन द ट्रेल ऑफ द सरस्वती’ पुस्तकें पढी थीं । इन पुस्तकों को पढने के पश्चात उनके ध्यान में आया कि प्राचीन काल में भारतीय संस्कृति एवं सत्य इतिहास कितना महान है । तदुपरांत वे हंपी, कंबोडिया एवं अंकोरवाट गए और हिन्दू संस्कृति की भव्यता को साक्षात अनुभव किया ।

२. राहुल दीवान की आध्यात्मिक यात्रा

श्री. राहुल दीवान को बचपन से ही आध्यात्मिक एवं धार्मिक बातों में रुचि थी । उनकी इस रुचि को गहन चिंतन का साथ मिला । उन्होंने अंतरात्मा की खोज के लिए प्रत्येक श्वास, गतिविधि एवं स्थिरता के क्षणों से अनुसंधान साधा । श्री. दीवान व्यावसायिक जगत के एक प्रेरणादायी व्यक्ति हैं । जिस क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यानसाधना की अनदेखी की जाती, वहां वे अंतर्मन की खोज हेतु अनेक वर्षाें से ध्यानसाधना कर रहे हैं । श्री. दीवान के जीवन में ध्यानसाधना से आमूलाग्र परिवर्तन हुआ । उसका उन्हें मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवसाय पर सकारात्मक परिणाम हुआ ।

३. ‘सरयु फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट’के शैक्षणिक कार्य

भेट दें –>  https://sarayutrust.org/

‘सरयु फाउंडेशन’ शिक्षा, भारतीय संस्कृति एवं सामुदायिक सक्षमीकरण के लिए कार्य करती है । फाउंडेशन की ओर से विद्यालय चलाए जाते हैं । इन विद्यालयों में बच्चों को गणित, संगीत, अंग्रेजी एवं योग सिखाया जाता है । ओडिशा के २ गावों में २ विद्यालय शुरू किए हैं । देहली में ‘स्कूल ऑफ हैप्पीनेस’ नामक विद्यालय अब भी शुरू है । वंचित क्षेत्र के १ सहस्र से भी अधिक बच्चे इसका लाभ ले रहे हैं । अनौपचारिक शिक्षा द्वारा अनेक बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु वे प्रयत्नशील हैं । ‘सरयु ट्रस्ट’ने ‘टॉय बैंक’की निर्मिति की है । उससे विशेषरूप से निर्धन बच्चों के लिए खिलौनों की आपूर्ति की जाती है । ‘सरयु ट्रस्ट’ संस्कृतिप्रधान राष्ट्र के उदय की कल्पना करती है, जो उनकी स्थानीय परंपरा, संस्कृति एवं मूल्यों का संरक्षण, जतन एवं संवर्धन करते हैं । ‘सरयु ट्रस्ट’ वनसंरक्षण, जलसंवर्धन, इसके साथ ही भारतीय संस्कृति एवं विचारधारा का पुनरजीवन, इन क्षेत्रों में भी सहभागी है ।

Demography Shifting in Bharat: The Imminent Threat And Its Solutions | Neeraj Atri | Rahul Dewan |

‘लोकसंख्याशास्त्र में होनेवाला परिवर्तन और उस पर उपाययोजना’ पर चर्चासत्र में प्रा. नीरज अत्री एवं श्री. राहुल दीवान

४. ‘संगम टॉक्स’के माध्यम से राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति पर जागृति

वर्ष २०१६ में श्री. दीवान ने ‘संगम टॉक्स’ नामक ‘यू ट्यूब चैनल’आरंभ किया । उस पर विशेषरूप से भारतीय संस्कृति, तत्त्वज्ञान एवं इतिहास पर संवाद होता है । ‘संगम टॉक्स’ अपने वक्ताओं को विचार व्यक्त करने के लिए एक व्यासपीठ प्रदान करती है, इसके साथ ही भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोर से विचार प्रस्तुत करती है ।

Hinduism Needs to Become Missionary: Large Scale #GharWapsi | Rahul Dewan | #sangamtalks #gharwapsi

यह वाहिनी देश में रचे गए झूठे कथानक (नेरेटिव) का खंडन करने का कार्य करती है । गत कुछ वर्षाें में ‘संगम टॉक्स’ हिन्दू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा, इतिहास, तत्त्वज्ञान, विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, कला, पर्यावरण एवं प्रवास इत्यादि के लिए एक बडा व्यासपीठ बन गया है ।

क़ुरान की आयतों का विस्तृत विश्लेषण | दारा शिकोह की राहुल दीवान संग वार्ता | #exmuslim #SangamTalks

उन्होंने उपरोक्त विषयों के विशेषज्ञों के १ सहस्र ६०० से भी अधिक चर्चासत्र आयोजित किए हैं । ‘संगम टॉक्स’ वर्तमान में ६ भारतीय भाषाओं में चल रही है । इसमें मुख्यरूप से अंग्रेजी एवं हिन्दी, इन भाषाओं की सर्वाधिक प्रधानता है ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के शुभहस्तों राहुल दीवान को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार प्रदान !


हाल ही में गोवा के फर्मागुडी में १७ से १९ मई तक सनातन संस्था की ओर से ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ आयोजित किया गया था ।

इस कार्यक्रम में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के हस्तों श्री. राहुल दीवान को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार प्रदान किया गया ।

५. १ सहस्र करोड रुपयों की ‘हिन्दू फंड (निधि)’ योजना

श्री. राहुल दीवान के सद्गुरु जग्गी वासुदेव आध्यात्मिक गुरु हैं । श्री. दीवान अपनी आर्थिक उत्पन्न का कुछ भाग सद्गुरु के ‘ईशा फाउंडेशन’के धार्मिक उपक्रमों के लिए अर्पण करते हैं । कालानुसार उन्हें हिन्दू धर्मसंबंधी विविध समस्याओं की जानकारी मिलती गई । भारत में कुछ हिन्दुत्वनिष्ठ अपने स्तर पर अथवा कुछ संस्थाओं के माध्यम से लगन से परिवर्तन लाने का प्रयत्न कर रहे हैं । उनके उपक्रमों के लिए भी ‘सरयु फाउंडेशन’के माध्यम से दो तृतीयांश धन दिया जाता है । पहले राज-महाराजा मंदिरों से लेकर गुरुकुलों तक सभी की सहायता करते थे । ‘व्यक्तिगत स्तर पर धार्मिक एवं सामाजिक उपक्रमों को सहायता करने में मर्यादा आती है । इसलिए जिसप्रकार अन्य पंथियों के पास अपने अनुयायियों के लिए आर्थिक ‘फंड’ होता है, उस स्तर पर हिन्दू धर्म के कार्य के लिए भी आर्थिक फंड होना चाहिए’, इस उद्देश्य से श्री. दीवान और उनके सहयोगियों का १ सहस्र करोड रुपयों का ‘हिन्दू फंड’ जमा करने का ध्येय है ।

६. वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में सहभाग

गोवा में वर्ष २०२३ में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में श्री. राहुल दीवान सम्मिलित हुए थे । इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘हिन्दुओं को साम्राज्यवादी बनकर अखंड भारत बनाना और वर्ष २०३० तक लगभग १० करोड हिन्दू धर्मांतरितों को स्वधर्म में पुन: लाना, यह ध्येय रखना चाहिए, इसके साथ ही ईसाई मिशनरी हिन्दुओं का धर्मांतर कर रहे हों, तो हिन्दुओं को इन धर्मांतरित हिन्दुओं को स्वधर्म में वापसी हेतु बडी मात्रा में काम करना होगा !’

How to have Hindu Rajya by 2047? | Hindu Rashtra Adhiveshan | Rahul Dewan | #SangamTalks

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