चारधाम का प्रस्तावित सरकारीकरण रद्द करने की मांग
हिन्दुओं के मंदिरों का सरकारीकरण करने वाले चर्च और मस्जिद का सरकारीकरण करने का साहस क्यों नही दिखाते ?
हिन्दुओं के मंदिरों का सरकारीकरण करने वाले चर्च और मस्जिद का सरकारीकरण करने का साहस क्यों नही दिखाते ?
ध्यान रखें, जब मंदिरों का सरकारीकरण हो जाता है, तब किसी को भी मंदिर का पुजारी एवं सेवक नियुक्त कर, सरकार हिन्दू परंपराओं का हनन करती है !
मंदिर का व्यवस्थापन संभालने के लिए भक्तों को ही आगे आकर ‘मंदिर सरकार के नहीं, भक्तों के नियंत्रण में होने चाहिएं’, यह उन्हें कांग्रेस सरकार को कठोरता से बताना चाहिए । इसके लिए धार्मिक संस्थाओें को भी आगे आना चाहिए !