ध्यान रखें, जब मंदिरों का सरकारीकरण हो जाता है, तब किसी को भी मंदिर का पुजारी एवं सेवक नियुक्त कर, सरकार हिन्दू परंपराओं का हनन करती है ! – संपादक

चेन्नई (तमिलनाडु) – मद्रास उच्च न्यायालय ने हिन्दू मंदिरों में मुख्य पुजारियों की नियुक्ति का प्रकरण ‘जैसा था’ वैसे रखने का आदेश दिया है । यह अंतरिम आदेश ‘अखिल भारतीय आदि शैव शिवाचार्य सेवा संगम’ की याचिका पर सुनवाई करते समय दिया गया है । आगामी सुनवाई २५ अगस्त को होगी । राज्य में मुख्य पुजारी, परिचारक आदि पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करने के लिए, सरकार द्वारा ६ जुलाई को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था । ‘अखिल भारतीय आदि शैव शिवाचार्य सेवा संगम’ ने उच्च न्यायालय में एक याचिका प्रविष्ट कर यह विज्ञापन निरस्त करने की मांग की थी ।
भारत बलपूर्वक घुसपैठियों को बांग्लादेश में धकेल रहा है ! – Bangladesh Allegation
यदि केंद्रीय कानून के अनुसार दिया गया दंड पहले ही पूरा हो चुका है, तो समय पूर्व स्वतंत्रता क्यों नहीं दी जानी चाहिए ? – Madras High Court
कोलकाता के सुरेंद्रनाथ महाविद्यालय के तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन के कार्यालय में मिली बडी धनराशि
Varanasi Masjid Demolished : काशी में न्यायालय के आदेश से रेलविभाग की भूमि पर स्थित मस्जिद को ढहाया !
मद्रास उच्च न्यायालय ने विद्यालय की भूमि पर चर्च के अनाधिकृत निर्माण पर रोक लगाई।
भारत में कानून की धार में तीक्ष्णता नहीं रही ; जब तक हाथ-पैर तोडे नहीं जाएंगे तब तक लोग कानून का पालन नहीं करेंगे !– Karnataka High Court