ध्यान रखें, जब मंदिरों का सरकारीकरण हो जाता है, तब किसी को भी मंदिर का पुजारी एवं सेवक नियुक्त कर, सरकार हिन्दू परंपराओं का हनन करती है ! – संपादक

चेन्नई (तमिलनाडु) – मद्रास उच्च न्यायालय ने हिन्दू मंदिरों में मुख्य पुजारियों की नियुक्ति का प्रकरण ‘जैसा था’ वैसे रखने का आदेश दिया है । यह अंतरिम आदेश ‘अखिल भारतीय आदि शैव शिवाचार्य सेवा संगम’ की याचिका पर सुनवाई करते समय दिया गया है । आगामी सुनवाई २५ अगस्त को होगी । राज्य में मुख्य पुजारी, परिचारक आदि पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करने के लिए, सरकार द्वारा ६ जुलाई को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था । ‘अखिल भारतीय आदि शैव शिवाचार्य सेवा संगम’ ने उच्च न्यायालय में एक याचिका प्रविष्ट कर यह विज्ञापन निरस्त करने की मांग की थी ।
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Baglamukhi Temple Fund Theft : मध्यप्रदेश के माँ बगलामुखी शक्तिपीठ में दान की चोरी – ३ वर्षों से झूठी (फर्जी) समिति चढ़ावा एकत्र कर रही थी ।
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Chhattisgarh High Court : विद्यालयों में गायत्री मंत्र के पाठ संबंधी निर्देश देनेवाले परिपत्र को चुनौती देनेवाली याचिका उच्च न्यायालय ने निरस्त की !
Tuljapur Temple Land Scam : मंदिर की भूमि वापस दिलाने एवं करोडों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए हम अंत तक संघर्ष करेंगे ! – अधिवक्ता (पू.) सुरेश कुलकर्णी
UCC Maharashtra : शीतकालीन सत्र में ‘समान नागरिक संहिता’ का प्रारूप प्रस्तुत किया जाएगा ! – देवेन्द्र फडणवीस, मुख्यमंत्री