उत्तराखंड के चारधाम तीर्थक्षेत्रों के पुजारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रक्त से लिखा पत्र भेजा !
|

देहरादून (उत्तराखंड) – उत्तराखंड सरकार का ‘देवस्थानम् बोर्ड एक्ट’ रद्द करने के लिए राज्य के चार धाम तीर्थक्षेत्रों के पुजारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसमें हस्तक्षेप करने के लिए रक्त से पत्र लिखे हैं । इस कानून के द्वारा चार धाम और अन्य मंदिरों का सरकारीकरण किया जाने वाला है । इसके विरोध में पूर्व में ही भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रहम्ण्यम् स्वामी ने न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की है ।
१. ‘अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित युवा महासभा’ और ‘श्री केदारनाथ धाम’ के पुजारी संतोष त्रिवेदी के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में लिखा है कि, राज्य सरकार की ओर से देवस्थानम् बोर्ड बनाने का प्रयास यह सनातन धर्म की पौराणिक परंपरा से छेड़छाड़ है । पुजारियों के अधिकारों से खेला जा रहा है । यह न्यायोचित नहीं है । इस कारण यह बोर्ड रद्द करना चाहिए ।
२. चार धाम से संबंधित पुजारियों और समिति के साथ ४७ मंदिरों ने बोर्ड का विरोध करने के लिए १७ अगस्त को राज्य स्तरीय प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है । पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत के बाद अभी के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमें बोर्ड रद्द करने के विषय में निराश ही किया है, ऐसा पुजारियों ने कहा है ।
Delhi Hotel Fire : दिल्ली के होटल में लगी भीषण आग में २१ लोगों की मृत्यु
महाराष्ट्र में २ जून से आंदोलन, घंटानाद, महाआरती एवं हस्ताक्षर अभियान आरंभ होगा ।
Savarkar Sadan : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के लंदन स्थित घर के समान महाराष्ट्र के ‘सावरकर सदन’ को खरीद कर उसका संवर्धन किया जाए !
प्रधानमंत्री मोदी को बंगाल में ‘झालमुडी’ खिलानेवाले दुकानदार को पाकिस्तान एवं बांग्ला देश से मिल रही हैं धमकियां ।
छत्तीसगढ़ में २०० गरीब आदिवासियों की ‘घरवापसी’।
जिन्हें भारत की वास्तविक जानकारी नहीं होती, वही ऐसे प्रश्न पूछते हैं ! – भारत का करारा उत्तर