(कहते हैं) ‘प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा की अवधि में हम उन्हें रातों को नींद भी लेने नहीं देंगे !’ – खलिस्तानी संगठन की धमकी

क्या सरकार खलिस्तानी आतंकवाद नष्ट करने हेतु अब तो कदम उठाएगी ?-

राहुल गांधी द्वारा श्री वैष्णोदेवी के दर्शन किए जाने के उपरांत, भा.ज.यु.मो. द्वारा गंगाजल छिडककर यात्रा मार्ग का शुद्धीकरण !

‘५ राज्यों के आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर, कांग्रेस के नेता हिन्दुओं के मंदिरों और तीर्थस्थानों को जाते हैं और उसके ५ वर्ष उपरांत उधर देखते भी नहीं, इसे हिन्दू भलीभांति जानत हैं ! हिन्दुओं को ऐसे पाखंडी श्रद्धालुओं से सतर्क रहना चाहिए !

इंदौर की ‘अनिवार्य’ संस्था द्वारा श्री गणेश मूर्ति के हाथ में ‘सेनेटरी नैपकीन’ रखकर महिलाओं में जागृति करने का अश्लील प्रयास !

हिन्दुओं को धर्मशिक्षा न होने से हिन्दू किस स्तर पर जाकर देवताओं का अपमान कर रहे हैं, यह ध्यान में आता है !- संपादक हिन्दुओं को अभी तक हिन्दुओं के संगठन, धार्मिक संगठन, धर्म गुरू आदि द्वारा धर्मशिक्षा न देने का यह परिणाम है । अन्य धर्मियों को धर्मशिक्षा मिलने से वे कभी भी स्वयं … Read more

वर्ष २०१९ की तुलना में २०२० में गुनहगारी में अल्प मात्रा में कमी !

कम मात्रा में नहीं, तो देश की गुनहगारी जड़ से नष्ट होनी चाहिए । इसके लिए कठोर कानून सहित, तत्काल सजा देने वाली व्यवस्था निर्माण करनी चाहिए ! साथ ही गुनहगारी की वृत्ति ही निर्माण न हो, इसके लिए प्रत्येक को धर्मशिक्षा देकर सुसंस्कारित होना आवश्यक है । यह केवल हिन्दू राष्ट्र में ही संभव है  इसलिए उसकी स्थापना अपरिहार्य है !

कोरोना से संबंधित नियमों का पालन करते हुए आरंभ करें चारधाम यात्रा ! – उत्तराखंड उच्च न्यायालय का आदेश

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोरोना से संबंधित नियमों का अनुपालन करते हुए, चारधाम यात्रा आरंभ करने का आदेश दिया है । जून माह में इस यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था ।

मिसिसॉगा (कनाडा) में एक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन कर रहे एक हिन्दू परिवार को अज्ञात युवाओं ने पीटा !

यहूदी नागरिकों की तरह, पूरे विश्व में अपनी दहशत निर्माण करने के लिए, हिन्दुओं को भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना नितांत आवश्यक है !

झारखंड में धर्मांतरित व्यक्ति के शव का, शमशान भूमि में शवाधान करने का ग्रामीणों ने किया विरोध !

पश्चिम सिंहभूम के दुरूला गांव में, धर्मांतरित आदिवासी परिवार के एक व्यक्ति की मृत्यु  हो गई । आदिवासी समुदाय ने तब शव को उनके ससन दिरी शमशान भूमि में दफनाने का विरोध किया । पुलिस के हस्तक्षेप के उपरांत, अंतत: शव को परिवार के घर के आंगन में दफनाने का निर्णय लेना पडा ।