भित्तिपत्रक लगाने वाली महिला अधिकारी का स्थानांतरण ! – नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त

  • छोटे शिशुओं को गोमांस खाने का परामर्श देने वाला भित्तिपत्रक लगाने का प्रकरण

  • प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने का भी आश्वासन

महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे

नवी मुंबई – छोटे शिशुओं को आहार में गोमांस खिलाने का परामर्श देने वाला भित्तीपत्रक नवी मुंबई महानगरपालिका के वाशी स्थित चिकित्सालय में लगाने की घोर उपेक्षा (लापरवाही) करने वाली महिला अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया गया है, ऐसी जानकारी महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने दी । ‘इस संपूर्ण प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी’, ऐसा भी उन्होंने कहा ।

१. वाशी स्थित चिकित्सालय में लघु शिशुओं को आहार में ‘गोमांस’ खाने के लिए दें, ऐसी जानकारी वाला भित्तिपत्रक लगाया गया था । हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने पर भी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होने के कारण विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्गत बजरंग दल की ओर से महानगरपालिका के मुख्यालय में जनआक्रोश आंदोलन किया गया ।

२. नगरसेवक निशांत भगत ने ध्यानाकर्षण (लक्ष्यवेधी) के माध्यम से यह सूत्र महानगरपालिका की महासभा के सभागृह में प्रस्तुत किया । उन्होंने ‘गोमांस भक्षण का प्रचार करने वाली संस्था तथा उत्तरदायी व्यक्तियों की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाए’, ऐसी मांग की ।

३. हिन्दुओं की भावनाएं आहत होने के प्रकरण में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं ने महासभा के कक्ष के बाहर नीचे बैठकर प्रशासन का निषेध किया । ‘शासकीय भवन में ऐसे फलक लगना अत्यंत गंभीर है’, ऐसा कहते हुए कार्यकर्ताओं ने इस विषय में आयुक्त के पास परिवाद (शिकायत) की, तब उन्होंने ‘यह एक छोटी सी त्रुटि है तथा इस विषय को छोड दें’, ऐसा परामर्श दिया । इस प्रकरण में आयुक्त क्षमा याचना करें, साथ ही ‘संबंधित प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए’, ऐसी मांग भगत ने की ।

४. सदन के नेता सागर नाईक ने महानगरपालिका की ओर से ‘इस प्रकरण में अपराध पंजीकृत किया जाए’, ऐसा सुझाव दिया । अपर्णा गवते ने अपने प्रभाग में साठेनगर, संजय गांधीनगर में गोमांस का विक्रय होने की बात कही । इस प्रकरण में महानगरपालिका के अधिकारियों को सूचित करने पर भी कोई कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया गया ।

५. आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने कहा, ‘‘मैंने ‘यह छोटी त्रुटि है तथा विषय छोड दें’, ऐसा वक्तव्य नहीं दिया है । शासकीय भवन में ऐसा भित्तिपत्रक लगना सर्वथा अनुचित है । मैं सभी की भावनाओं का आदर करता हूं । इस विषय की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संबंधित अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया गया है । इस संपूर्ण प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी ।’’

संपादकीय भूमिका

केवल स्थानांतरण करने से क्या होगा ? हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के प्रकरण में ऐसे लोगों पर सेवामुक्ति की ही कार्रवाई होनी चाहिए !