
ग्रन्थमाला ‘देवताओंकी उपासना’
शक्ति का परिचयात्मक विवेचन
शक्ति शब्द का क्या अर्थ है, शक्तिद्वारा धारण किए ३ मुख्य रूप एवं उनकी विशेषताएं कौनसी हैं, श्री लक्ष्मी एवं दुर्गा, पार्वती एवं काली माता आदि की क्या विशेषताएं हैं, ‘गंगा’ एवं ‘नर्मदा’, इन नदियों की आध्यात्मिक विशेषताएं कौनसी हैं आदि प्रश्नों के उत्तर इस ग्रन्थ में दिए हैं ।
शक्तिकी उपासना
कुलदेवता की उपासना क्यों करें, नवरात्रि का इतिहास एवं पूजाविधियों का शास्त्रोक्त आधार क्या है, ‘नवार्ण मन्त्र’ एवं ‘नवार्ण यन्त्र’ की आध्यात्मिक विशेषताएं क्या हैं, ‘श्रीयन्त्र’ एवं ‘श्रीचक्र’ का अर्थ एवं उनकी विशेषताएं क्या हैं आदि सम्बन्धी ज्ञान देनेवाला यह ग्रन्थ अवश्य पढें !
देवीपूजनका अध्यात्मशास्त्र (लघुग्रन्थ)
- नवरात्रि में घटस्थापना करने का क्या महत्त्व है ?
- दीपावली के दिन लक्ष्मीपूजन का क्या महत्त्व है ?
- कुमकुमार्चन का शास्त्रोक्त आधार क्या है ?
- देवी की आंचलभराई क्यों करें ?
श्री सरस्वतीदेवी (लघुग्रन्थ)
श्री सरस्वतीदेवी की निर्मिति एवं उनका कार्य, सरस्वती यंत्र का महत्त्व एवं लाभ, नववर्षारंभ पर एवं दशहरे के दिन श्री सरस्वतीदेवी के कौन से रूप की उपासना करें, श्री सरस्वतीदेवी की वाणी का महत्त्व क्या है आदि संबंधी ज्ञान देनेवाला यह ग्रन्थ अवश्य पढें !
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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?