
मालवण (महाराष्ट्र) – वराड, सिंधुदुर्ग के महान संत प.पू. परूळेकर महाराज (आयु ८४ वर्षे) ने यहां के ‘श्रीरामनगरी’ आश्रम में २८ जून २०२१ को सवेरे ९ बजे देहत्याग किया । प.पू. परूळेकर महाराज गत कुछ मास से बीमार थे । उनकी इच्छा अनुसार उनके पार्थिव शरीर को दोपहर २.१५ बजे ‘श्रीरामनगरी’ आश्रम के श्रीराममंदिर एवं श्री दत्तमंदिर के बीच के परिसर में समाधिस्त किया गया । प.पू. परूळेकर महाराजजी के कनिष्ठ बंधु श्री. केशव महादेव परूळेकर ने समाधि की सर्व विधियां की तथा पौरोहित्य श्री. विनोद गगनग्रास ने किया ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?