Muslim Reservation : मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता ! – नितेश राणे, मत्स्य व्यवसाय मंत्री

मंत्री नितेश राणे

मुंबई, १० जुलाई (वार्ता.) — मुसलमानों को जाति के आधार पर आरक्षण मिल सकता है; पर धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता, यह सरकार की स्पष्ट स्थिति, मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने विधानसभा में रखी । कांग्रेस के विधायक अमीन पटेल ने कहा कि “न्यायालय के निर्देशानुसार मुसलमान विद्यार्थियों को शिक्षा में १० प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए ।” इस पर अल्पसंख्यक विकास विभाग की ओर से अन्न एवं औषध प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवळ ने सदन में कहा कि “न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी ।” इसके उत्तर में मंत्री नितेश राणे ने कहा, “मंत्री नरहरि झिरवळ के कथन से किसी तरह भ्रमित न हों,” एवं मुसलमानों के आरक्षण के संबंध में उपरोक्त उल्लेखित तथ्य प्रस्तुत कर सरकार की स्थिति स्पष्ट की ।

अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए ६० करोड रुपये दिए गए — मंत्री नरहरि झिरवळ

मंत्री नरहरि झिरवळ

१० जुलाई को तारांकित प्रश्न के समय समाजवादी दल के विधायक अबू आजमी ने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति त्वरित स्वीकृत करने की मांग की थी । इस पर मंत्री नरहरि झिरवळ ने वर्ष २०२३ से वर्ष २०२७ तक अल्पसंख्यक विकास विभाग को सरकार द्वारा कितनी धनराशि दी गई है, उसकी सूची प्रस्तुत की । झिरवळ ने बताया कि वर्ष २०२६-२७ के लिए अल्पसंख्यक विकास विभाग को ६० करोड रुपये का निधि आवंटन किया गया है । कांग्रेस के विधायक अमित देशमुख ने कहा कि “सरकार का अल्पसंख्यक विकास विभाग पर ध्यान कम है,” तथा मांग की कि अल्पसंख्यकों के लिए उर्दू घरों, पुस्तकालयों, आवासीय विद्यालयों आदि को मान्यता दी जाए । नरहरि झिरवळ ने इसके लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया ।

इस समय अन्न एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ ने सदन में कहा कि “मुसलमान धर्म में विभिन्न जातियां हैं । उन्हें अन्य पिछडे वर्गों के लाभ मिल रहे हैं ।”

‘आई.टी.आई.’ बंद करके उर्दू घरों को मान्यता न दी जाए ! — राहुल नार्वेकर, अध्यक्ष, विधानसभा


औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के स्थान की मान्यता हटाकर वह स्थान उर्दू विद्यालय को दे दिया गया । ऐसा करना कदापि उचित नहीं है । उर्दू विद्यालय के लिए स्वतंत्र व्यवस्था होनी चाहिए; परन्तु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बंद करके उर्दू विद्यालय को मान्यता न दी जाए ।