Tamil Actor Jay : मंदिर में बार-बार अपमान होने के कारण हिन्दू धर्म छोडकर इस्लाम स्वीकार किया !

प्रसिद्ध तमिल अभिनेता जय ने दी जानकारी

तमिल अभिनेता जय

चेन्नई (तमिलनाडु) — तमिल अभिनेता जय ने बताया कि मंदिर में अपमानित होने के कारण उन्होंने हिन्दू धर्म छोडकर इस्लाम स्वीकार कर लिया । यह जानकारी स्वयं जय ने एक साक्षात्कार में दी । उन्होंने बताया कि वर्ष २०११ से वे इस्लाम का पालन कर रहे हैं । यद्यपि उन्होंने अभी तक अपना नाम नहीं बदला है ।

जय ने साक्षात्कार में कहा कि,

१. मैंने शबरीमला के लिए गले में माला पहनी थी । उसके पश्चात एक वर्ष तक यीशु के लिए माला पहनकर उपवास भी किया था; लेकिन एक समय ऐसा आया जब मंदिर में बार-बार मेरा अपमान किया गया । कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे मुझे बहुत बुरा लगा ।

२. जब मैं मस्जिद में गया, तब मैंने देखा कि सभी लोग एक पंक्ति में खडे होकर नमाज पढ रहे हैं । वहां सभी जानते थे कि मैं एक अभिनेता हूं । फिर भी मस्जिद में किसी ने मुझसे बात नहीं की । मस्जिद से बाहर आने के उपरांत ही कुछ लोगों ने मुझसे बातचीत की, वह भी बहुत विनम्रता से । किसी ने भी मेरे साथ फोटो लेने का आग्रह नहीं किया ।

३. तब मुझे ऐसा लगा कि यहां सभी समान हैं । (इस्लाम का अध्ययन और वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी न होने के कारण ऐसे भ्रम उत्पन्न होते हैं ! – संपादक) मस्जिद में जाने के उपरांत केवल अल्लाह ही सर्वोच्च होता है । चाहे कितनी भी बडी हस्ती क्यों न आए, उसे समान व्यवहार मिलता है । मस्जिद में प्रार्थना करते समय कोई धक्का-मुक्की नहीं करता और न ही कोई वहां से जाने के लिए कहता है । जितनी देर चाहो, उतनी देर बैठकर प्रार्थना कर सकते हो ।

४. इस्लाम स्वीकार करने के उपरांत मेरे स्वभाव में भी बहुत परिवर्तन आया है । वर्ष २०१९ में मैंने धर्म परिवर्तन किया । मुझे इस्लाम पर श्रद्धा है । घर में सभी खुश हैं; क्योंकि जो लडका किसी भी भगवान की पूजा नहीं करता था, वह अब धार्मिक हो गया है । (आगे चलकर वह कट्टरपंथी नहीं बना, यही बडी बात है ! – संपादक) धर्म परिवर्तन के उपरांत भी मैंने अभी तक अपना नाम नहीं बदला है । मैं अपना नाम परिवर्तित कर ‘अजीज जय’ रखने का विचार कर रहा हूं ।

संपादकीय भूमिका

  • मंदिर में अपमान करनेवाले लोग अयोग्य हो सकते हैं; परंतु धर्म अयोग्य नहीं हो सकता । इसलिए उसके कारण धर्म परिवर्तन करना बहुत बडी भूल है । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा नहीं मिल रही है, इसलिए वे इस प्रकार के हास्यास्पद कृत्य कर आत्मघात एवं राष्ट्रघात कर रहे हैं !
  • हिन्दुओं के मंदिर सभी हिन्दुओं एवं महिलाओं के लिए खुले होते हैं; लेकिन मुसलमानों की मस्जिदें उनके शिया, सुन्नी, अहमदिया आदि संप्रदायों के अनुसार अलग-अलग होती हैं तथा महिलाओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध होता है । क्या जय को इसकी जानकारी है ?