Karnataka Janeu Controversy : कर्नाटक में परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने एक छात्र का जनेऊ काटकर कूडेदान में फेंक दिया !

८ दिन पहले ही छात्र का उपनयन संस्कार हुआ था !

(प्रातिनिधिक छायाचित्र)

चिक्कबल्लापुर (कर्नाटक) – यहां के नागार्जुन महाविद्यालय में कुछ समय पूर्व में आयोजित ‘कॉमन एंट्रेंस टेस्ट’ (सी. ई .टी.) की परीक्षा के समय छात्रों से उनका जनेऊ एवं छात्राओं से उनकी नाक की नथ उतरवाने की एक अप्रत्याशित घटना उजागर हुई थी । इस संबंध में सुप्रीत के.आर. नामक छात्र ने अपने साथ हुई घटना बताई । उसने कहा कि २३ अप्रैल को प्रात: ९:४५ बजे वह परीक्षा केंद्र पहुचा । अंदर जाने से पहले कर्मचारियों ने उसका अनवीक्षण किया, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि उसने जनेऊ पहना हुआ है । मैंने स्वयं जनेऊ उतारने की इच्छा व्यक्त की, तदापिभी कर्मचारियों ने उसे कैंची से काटकर कूडेदान में फेंक दिया । इस घटना से मुझे गंभीर मानसिक आघात लगा । केवल ८ दिन पूर्व ही मेरा उपनयन संस्कार हुआ था । परीक्षा समाप्त होने के उपरांत मैं स्वयं कूडेदान से अपना जनेऊ ढूंढकर घर ले गया ।

अधिकारी ने आरोपों का खंडन किया !

परीक्षा केंद्र के परिधान संहिता अधिकारी डोड्डा ईरप्पा ने सभी आरोपों को निरस्त कर दिया । उन्होंने कहा कि कर्नाटक परीक्षा विभाग के नियमों के अनुसार ही छात्र की जांच की गई । किसी भी छात्र को जनेऊ उतारने, काटने या परित्याग करने के लिए नहीं कहा गया । तदापि छात्र ऐसा आरोप क्यों लगा रहा है, यह मुझे ज्ञात नहीं ।

स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडुराव ने जताया आक्रोश !

सी. ई .टी. परीक्षा देने आए छात्र का जनेऊ काटने की घटना पर स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडुराव ने कडा आक्रोश व्यक्त किया । फेसबुक संदेश में उन्होंने कहा, “कृपानिधि महाविद्यालय में सी. ई .टी. परीक्षा के समय छात्रों के जनेऊ उतरवाने की घटना मेरे संज्ञान में आई है । इस अत्यंत गंभीर प्रकरणमें परिवाद प्रविष्ट कर लिया गया है एवं पुलिस अन्वेषण कर रही है । कानून की सीमा में रहकर पारदर्शी कार्रवाई की जाएगी । छात्र एवं अभिभावक चिंता न करें ।”

मंत्री गुंडुराव ने आगे कहा:

१. सी. ई. टी. परीक्षा के लिए आने वाली छात्राओं के कान के झुमके, हाथ की चूड़ियाँ एवं छात्रों के जनेऊ उतरवाना, साथ ही लंबी बाँहें काटना – इस प्रकार की अमानवीय गतिविधियां उनका मनोबल तोड़ने वाली, अक्षम्य एवं निंदनीय हैं । परीक्षा केंद्र ज्ञान की परीक्षा लेने के स्थान होने चाहिए, न कि आत्मसम्मान को ठेस पहुचाने वाले ।

२. राज्य में ऐसी घटनाएं पुन: न हों, इसके लिए सरकार गंभीर कार्रवाई करेगी । छात्र इस घटना से निराश न हों, वे परीक्षा की उत्तम तैयारी करें एवं जीवन में सफलता की ओर निश्चिंत होकर अग्रसर हों । हमारी सरकार आपके साथ दृडता से खडी है । साहस के साथ परीक्षा दें एवं सफल हों ।

संपादकीय भूमिका

  • कर्नाटक की कांग्रेस सरकार रजाकारों या मुगलों जैसी है - ऐसी घटनाएं यही दर्शाती हैं ! अब हिन्दुओं को सडकों पर उतरकर वैध पद्धति से सरकार को पाठ पढाना चाहिए !
  • क्या सरकारी कर्मचारी कभी मुस्लिम छात्रों की टोपी या ईसाई छात्रों के गले में पहने ‘क्रॉस’ को काटने के संबंध में स्वप्न में भी विचार कर सकते हैं ? हिन्दुओं को यह भली भांति ध्यान में रखकर परिणाम कारक दबाव निर्माण करना चाहिए !