Convert Madrasas into Schools : मदरसों का ५० लाख रुपयों का अनुदान रोककर मदरसों का सामान्य विद्यालयों में रूपांतरण करें ! – हिन्दू जनजागृति समिति

मुंबई – महाराष्ट्र सरकार ने ‘डॉ. जाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ के अंतर्गत राज्य के ३०८ मदरसों को प्रत्येक को ५० लाख रुपयों का अनुदान देने का निर्णय लिया है । इस निर्णय का हिन्दू जनजागृति समिति ने तीव्र विरोध किया है । यह अनुदान त्वरित रोककर राज्य के सभी मदरसों का सामान्य विद्यालयों में रूपांतरण किया जाए, ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति ने महाराष्ट्र सरकार से की है । १६ अप्रैल को इस समिति की ओर से इस विषय का निवेदन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय में दिया गया ।

असम शासन ने सभी सरकारी अनुदानित मदरसों का रूपांतरण सामान्य माध्यमिक विद्यालयों में किया है । महाराष्ट्र शासन भी इसी प्रकार कार्यवाही करे । उत्तर प्रदेश की पद्धति पर महाराष्ट्र के सभी मदरसों का तत्काल सर्वेक्षण कर उनमें होने वाले आर्थिक भ्रष्टाचार तथा छद्म (बोगस) विद्यार्थी संख्या की जांच किया जाए । केवल एक विशिष्ट धर्म की संस्थाओं को शासकीय निधि देना एवं हिन्दुओं की वेदपाठशालाओं अथवा वारकरी शिक्षण संस्थाओं की उपेक्षा करना, यह संविधान के अनुच्छेद १४ तथा १५ का उल्लंघन है । इससे करदाताओं के धन का अपव्यय हो रहा है । इस धन का उपयोग विशिष्ट धर्म के मदरसों पर व्यय करना करदाताओं पर अन्याय है, ऐसा हिन्दू जनजागृति समिति ने निवेदन में कहा है ।

 … अन्यथा राज्यभर में आंदोलन करेंगे !

मदरसों में वास्तव में कैसी धार्मिक शिक्षा दी जाती है ? तथा क्या वह राष्ट्रीय एकात्मता के पूरक है ? इसकी शिक्षा विभाग एवं गुप्तचर संस्थानों द्वारा नियमित पडताल होनी चाहिए । ‘एन.सी.एम.ई.आई.’ अधिनियम की धारा ३० बी जैसे प्रावधानों को निरस्त करने हेतु राज्य शासन केंद्र सरकार का अनुसरण करे । यदि मदरसों को आधुनिक शिक्षा के लिए निधि चाहिए, तो वे वक्फ बोर्ड के पास उपलब्ध सहस्रों एकड भूमि की आय अथवा ‘जकात’ के माध्यम से एकत्रित निधि का उपयोग करें । शासन ने इस निवेदन की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तथा हिन्दू समाज के साथ भेदभाव करने वाला यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो संपूर्ण राज्य में तीव्र जनआंदोलन करेंगे, ऐसी चेतावनी भी हिन्दू जनजागृति समिति ने दी है ।