
नांदेड (महाराष्ट्र) – २६ फरवरी को पूर्व नांदेड के सभी साधकों के लिए सनातन संस्था के उत्तर महाराष्ट्र एवं मराठवाडा क्षेत्र के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी का मार्गदर्शक सत्संग आयोजित किया गया था । इस सत्संग में उन्होंने साधना में भक्तिभाव बढाने का महत्त्व, साथ ही उसके लिए आवश्यक प्रयासों के विषय में मार्गदर्शन किया । उसके साथ ही उन्होंने विगत अनेक वर्षाें से साधना कर रहे नांदेड के कुछ साधकों की साधनायात्रा का प्रश्नोत्तरी पद्धति से अनुभव कथन लिया । अनुभव कथन करते समय सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के प्रति उत्कट शरणागतभाव, दृढ श्रद्धा, लगन, प्रीति, विनम्रता, सेवकभाव, शांत एवं स्थिर वृत्ति, इन गुणों से युक्त श्रीमती अनीता बरारा (आयु ७२ वर्ष) द्वारा ७१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर सनातन के १३८वें (समष्टि) संतपद पर विराजमान होने का शुभ समाचार दिया । साधकों के लिए यह आनंदपर्व ही था, इसलिए सभी साधक भावविभोर हो गए ।
यह समारोह नांदेड के ‘रामा कृष्णा इंटरनेशनल होटल’ के सभागार में संपन्न हुआ । इस मंगल अवसर पर सनातन की साधिका श्रीमती शालिनी गोजे ने पू. (श्रीमती) अनीता बराराजी को पुष्पमाला पहनाकर तथा सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी ने उन्हें सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का छायाचित्र एवं भेंटवस्तु प्रदान कर सम्मानित किया ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?