Sabarimala Gold Row : सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी प्रकरण पर केरल विधानसभा में विवाद !

विपक्ष ने सदन चलाने में सहयोग न करने की घोषणा की

तिरुवनंतपुरम (केरल) – सबरीमाला मंदिर से सोना अदृश्य होने तथा पुजारी कंदरारू राजीवारू की गिरफ्तारी को लेकर २३ फरवरी को केरल विधानसभा में तीव्र संघर्ष हो गया । सदन की कार्यवाही दोबारा आरम्भ होते ही सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा तथा विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा आमने-सामने आ गए । कांग्रेस के नेतृत्व के नीचे संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया कि वे सरकार की भूमिका का विरोध करने के लिए सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे ।

१. जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के सदस्यों ने अध्यक्ष के पास आपत्ति व्यक्त की । देवस्वम मंत्री वी.एन. वासवन के त्यागपत्र की मांग करते हुए नारे लगाए गए तथा फलक दिखाए गए । विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष की कुर्सी के सामने धरना दिया ।

२. विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन की अनुपस्थिति में ज्येष्ठ आमदार के. बाबू ने सरकार की कठोर आलोचना की । उन्होंने कहा कि पुरोहित राजीवारू को बिना किसी ठोस प्रमाण के बंदी बनाया तथा ४० दिनों तक कारावास में रखा गया । उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्यवाही इसलिए की गई क्योंकि सरकार ने सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर सरकार की भूमिका का समर्थन नहीं किया । उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल अयप्पा संगमम कार्यक्रम में कथित अनियमितता हुईं ।

३. कानून मंत्री पी. राजीव एवं संसदीय कार्य मंत्री एम.बी. राजेश ने विपक्ष के आरोपों को अस्वीकार कर दिया । राजीव ने कहा कि उच्च न्यायालय की निगरानी में एक विशेष अन्वेषण पथक जांच कर रही है तथा अहवाल सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को सौंपी जा रही है । उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है ।