गुजरात के गिरनार पर्वत पर गोरक्षनाथ मंदिर में तोडफोड, मूर्ति का विखंडन (तोडफोड) !

भक्तों ने व्यक्त किया रोष !

(उक्त चित्र प्रकाशित करने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं है । केवल जानकारी के लिए प्रकाशित किया गया है । – संपादक)

कर्णावती (गुजरात) – राज्य के जूनागढ जिले में गिरनार पर्वत पर स्थित गोरक्षनाथ मंदिर में अज्ञात व्यक्तियों ने तोडफोड की । इस संत संगमरमर की मूर्ति का सिर तोड दिया गया । मंदिर के शीशे के दरवाजे सहित अन्य वस्तुओं को भी क्षति पहुंचाई गयी है । स्थानीय पुलिस ने जानकारी दी है कि यह घटना ४ अक्टूबर की देर रात घटी । इस घटना पर भक्तों ने तीव्र रोष व्यक्त किया है तथा आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है ।

१. गुजरात में गिरनार पर्वत भगवान दत्तात्रेय एवं गोरक्षनाथ के स्थान के लिए प्रसिद्ध है । गोरक्षनाथ नाथ संप्रदाय के संस्थापक हैं १११७ (एक सहस्र एक सौ सत्रह) मीटर ऊंची चोटी पर स्थित गोरक्षनाथ मंदिर में हुई इस तोडफोड पर भक्तों में भारी रोष है ।

२. जूनागढ के पुलिस अधीक्षक सुबोध ओडेदरा ने बताया कि गिरनार पर्वत पर मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ की मूर्ति को तोडा गया है । परिवाद मिलने के उपरांत पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है ।

३. इस पर्वत को ‘रेवतक पर्वत’ भी कहते हैं । इस पर जैनों सहित कई हिन्दू मंदिर हैं । भक्तों को चोटी तक पहुंचने के लिए १०,००० पत्थर की सीढियां चढनी पडती हैं । देवी अंबामाता का प्रसिद्ध मंदिर भी यहां के मंदिरों में समाहित है ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दुओं के मंदिरों पर प्रतिदिन आक्रमण होते रहने पर भी हिन्दू केवल रोष व्यक्त करते हैं, आंदोलन करते हैं तथा चुप बैठ जाते हैं । यदि मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो ‘सर तन से जुदा’ के नारों के साथ (सिर काटने की धमकी) देशभर में हिंसा की जाती है । ‘आई लव मोहम्मद’ का वर्तमान प्रकरण देखिए । इसलिए, यदि कोई कहे कि हिन्दू धर्म की इस दुर्दशा के लिए भारतभर के हिन्दू एवं उनके संगठन ही उत्तरदायी हैं, तो इसमें क्या अयोग्य है ? अब तो कम से कम हिन्दुओं से संगठित होकर आवाज उठाने की अपेक्षा है !