Ranchi Durga Pandal : रांची (झारखंड) में दुर्गा पूजा मंडप को एक चर्च जैसा स्वरूप दिया गया !

  • माता मरियम एवं ईसा मसीह के चित्र लगाए गए; क्रॉस चिह्न का भी प्रयोग किया गया

  • विहिप की तीव्र आपत्ति

दुर्गा पूजा मंडप को चर्च जैसा स्वरूप

रांची (झारखंड) – यहां रातू मार्ग पर ‘आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब’ द्वारा ८५ लाख रुपये व्यय से निर्मित दुर्गा पूजा मंडप को गिरजाघरों जैसा स्वरूप दिया गया है । इस मंडप में ईसा मसीह की मूर्तियां एवं क्रॉस के चिह्न स्थापित किए गए हैं । विश्व हिन्दू परिषद ने मांग की है कि ‘इस प्रकार की सजावट से हिन्दुओं की आस्था का अपमान होता है एवं इसे तुरंत परिवर्तित किया जाना चाहिए ।’ विक्की यादव वर्तमान में ‘आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब’ के अध्यक्ष हैं । वह वर्तमान में झारखंड में सत्तारूढ झारखंड मुक्ति मोर्चा दल में हैं ।

इसे मंदिर जैसा बनाएं ! – विहिप

विहिप के झारखंड एवं बिहार प्रदेश मंत्री डॉ. बीरेंद्र साहू ने कहा कि माता भगवती किसी गिरजाघरों में नहीं, अपितु एक मंदिर में ही विराजमान होती हैं । मंडप को गिरजाघरों जैसा स्वरूप देकर हिन्दुओं की आस्था एवं धार्मिक भावनाओं से खिलवाड किया जा रहा है । यह झारखंड में धर्मांतरण को प्रोत्साहित करने का षड्यंत्र है । आयोजकों को मंडप में देवी को मंदिर जैसे सजावट में स्थापित करना चाहिए ।

आयोजकों को गिरजाघरों या मदरसों के कार्यक्रमों में किसी हिन्दू देवता की छवि लगानी चाहिए ! – विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विहिप

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी अपनी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने एवं धर्मांतरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य किया गया है । यदि आयोजन समिति धर्मनिरपेक्षता की इतनी ही पक्षधर है, तो उसे रांची के गिरजाघर या मदरसों के कार्यक्रमों में किसी हिन्दू देवता की छवि चाहिए । मंडप के प्रवेश द्वार पर एक ईसाई प्रतीक रखा गया है एवं अंदर मदर मैरी एवं अन्य ईसाई चित्र रखे गए हैं । शीघ्र ही विहिप की झारखंड शाखा इस मुद्दे पर कठोर दृष्टि अपनाएगी । आयोजकों को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए एवं मंडप से ईसाई प्रतीकों एवं चित्रों को हटाना चाहिए ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दू ही हिन्दू धर्म के वास्तविक शत्रु हैं ! क्या दूसरे संप्रदाय अपने धार्मिक त्योहारों में कभी ऐसा करते हैं ? हिंदुओं में *धर्मशिक्षण एवं धर्माभिमान का अभाव है, जिसके फलस्वरूप वे पुन:-पुन: अपने पूजा स्थलों एवं प्रतीकों का अपमान करते हैं । लज्जा आनी चाहिए इन पर !

(और इनकी सुनिए…) ‘हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं !’ – आयोजकों का स्पष्टीकरण

आयोजन समिति ने कहा कि हम भी सनातनी हैं । वर्ष २०२२ में कोलकाता में भी इसी प्रकार का एक मंडप बनाया गया था, एवं यह मंडप भी उसी पर आधारित बनाया गया है । हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं ।

संपादकीय भूमिका

यह एक हिन्दू त्योहार है एवं देश में केवल हिन्दू ही धर्मनिरपेक्ष हैं एवं सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, इसलिए उन्होंने ऐसी सजावट करने का साहस किया, यद्यपि अन्य धर्म हिन्दू धार्मिक स्थलों एवं पूजा स्थलों पर आक्रमण करते हैं, एवं हिन्दुओं का धर्मांतरण भी करते हैं ! तदापि हिन्दू आत्मघाती धर्मनिरपेक्षता की खेती करते हैं, यह लज्जास्पद है !