गंगामाता की रक्षा के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य करनेवाले प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित !

श्री. अरुण कुमार गुप्ता को ‘सनातन धर्मश्री’पुरस्कार प्रदान करते हुए (बाएं से) सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, (दाईं ओर) अधिवक्ता सरिता सिंह

प्रयागराज (उ.प्र.) – सनातन संस्था की ओर से १७ से १९ मई २०२५ की अवधि में फोंडा, गोवा में संपन्न ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में हिन्दू धर्म एवं राष्ट्र रक्षा हेतु विशेष कार्य करनेवालों को ‘हिन्दू राष्ट्र रत्न’ तथा ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई थी । उनमें से एक पुरस्कार प्राप्तकर्ता तथा ‘गंगारत्न’ अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता को हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से उनके निवासस्थान पर सम्मानित किया । इस समय उनकी धर्मपत्नी अधिवक्ता सरिता सिंह भी उपस्थित थीं ।

श्री. अरुण कुमार गुप्ता को ‘सनातन धर्मश्री’पुरस्कार प्रदान करते हुए (बाएं से) सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी

अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता का परिचय

गंगा नदी का प्रदूषण रोकना, गंगाजी के तट पर औद्योगिक प्रदूषणकारी परियोजनाओं पर प्रतिबंध लगाना तथा गंगाजल पर शोध करना, इसके लिए उन्होंने विगत २० वर्षों से निष्काम कर्मयोगी की भांति कार्य किया है । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इन्हें गंगा नदी से संबंधित ‘न्यायमित्र’ पद पर नियुक्त किया है । कांची कामकोटी पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी ने उनके विशेष ‘गंगासभा’ कार्यक्रम में उन्हें ‘गंगारत्न’ की उपाधि प्रदान कर आशीर्वाद दिया । उत्तर प्रदेश में एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व चुनाव आयुक्त कृष्णमूर्ति तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित के हस्तों उन्हें ‘उत्तर प्रदेश रत्न’ पुरस्कार प्रदान किया गया । राष्ट्रीय नदी गंगा (कायाकल्प, संरक्षण एवं व्यवस्थापन), २०१७’ इस विधेयक के लिए एक मसौदा तैयार किया गया है । उसमें इनका महत्त्वपूर्ण सहभाग है । उनका आध्यात्मिक स्तर ६१ प्रतिशत है ।

अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता का मनोगत

मैं सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी को बहुत धन्यवाद और प्रणाम ज्ञापित करता हूं । मैं सदैव उनका ऋणी रहूंगा । मैंने अनेक संस्थाओं में कार्य किया है; परंतु सनातन संस्था एकमात्र ऐसी संस्था है जो प्रामाणिकता से अपने लक्ष्य को लेकर जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है । गोवा में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ को जिस प्रकार समाज का प्रतिसाद मिला तथा सनातन राष्ट्र के उनके विचारों को समर्थन मिला, उससे मैं बहुत आल्हादित हूं । यह आयोजन बहुत प्रशंसनीय था तथा आनेवाले काल में नील का पत्थर अवश्य बनेगा । भगवान से में प्रार्थना करता हूं कि सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का हिन्दू राष्ट्र्र का सपना जल्द से जल्द पूर्ण हो और इसके लिए हम सभी हिन्दुओं को एकत्र आना होगा ।