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भोपाल (मध्यप्रदेश) – मध्यप्रदेश राज्य में भारतीय जनता पक्ष एवं हिन्दू संगठन ने २२ सितम्बर से प्रारंभ होने वाले नवरात्रोत्सव के समय गरबा स्थलों पर आयोजकों को प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों का आधारपत्र जांचने की मांग करते हुए अहिन्दुओं को प्रवेश न देने की सूचना दी है । हिन्दू संगठनों का कहना है कि मुसलमान अपना धर्म छिपाकर गरबा के लिए आते हैं एवं लव जिहाद करते हैं । आयोजकों को यह निर्देश दिया गया है कि मंडप में केवल हिन्दू के रूप में पहचाने जाने वालों को ही प्रवेश दिया जाए । साथ ही मंडप के बाहर वराह अवतार का चित्र रखकर पूजा की जाए तथा आधारपत्र अथवा अन्य पहचानपत्र जांचने के उपरांत ही प्रवेश दिया जाए ।
गरबा में सम्मिलित होना है, तो सनातन धर्म स्वीकारना होगा !
यदि अहिन्दुओं को गरबा में सम्मिलित होना है, तो उन्हें पहले सनातन धर्म स्वीकारना होगा, ऐसा मत प्रकट हुआ है । भोपाल के हुजूर निर्वाचन क्षेत्र के भारतीय जनता पक्ष के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यदि किसी अहिन्दू को गरबा में सम्मिलित होना है, तो वह परिवार सहित आए, हिन्दू परंपरा के अनुसार माथे पर तिलक लगाए, देवी की पूजा करे, प्रसाद ग्रहण करे एवं सनातन धर्म स्वीकारे । यदि कोई मुसलमान अथवा ईसाई देवी की पूजा करना चाहता है, तो उसे गंगाजल एवं तुलसी पत्र देकर हिन्दू बनाया जा सकता है । क्योंकि सभी का मूल हिन्दू ही है, केवल कुछ वर्ष पूर्व कुछ ने धर्म परिवर्तन किया है । विधायक शर्मा ने चेतावनी दी कि पहचान छिपाकर अथवा दुराशय से आने वाले को ऐसा पाठ पढ़ाया जाएगा कि वह उन्हें जीवन भर स्मरण रखेगा ।
मुसलमानों को गरबा स्थल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है ! – कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद
भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुसलमानों को गरबा स्थल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है । भारतीय जनता पक्ष के नेता प्रत्येक पर्व से पूर्व विवाद उत्पन्न करते हैं और नवरात्र जैसे धार्मिक उत्सव को राजनीति का अस्त्र बनाते हैं ।
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