Karnataka Afzal Khan : हिन्दूद्वेषी पुलिस ने अफजल खान वध का फलक हटाया, तो क्रुद्ध हिन्दुओं ने लगाया दूसरा फलक !

दावणगेरे (कर्नाटक) की घटना

दावणगेरे (कर्नाटक) – गणेशोत्सव के निमित्त यहां के मट्टीकल क्षेत्र में हिन्दुओं ने लगाया हुआ अफजल खान वध का फलक पुलिस ने हटाया था । उसके उपरांत २४ घण्टों के भीतर ही, अर्थात् २९ अगस्त की सायंकाल क्रुद्ध हिन्दुओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अफजल खान का कोष्ठ बाहर निकालते हुए दर्शाने वाला दूसरा फलक लगाया ।

संपूर्ण घटनाक्रम इस प्रकार है !

१. गणेशोत्सव के अवसर पर हिन्दुओं ने अफजल खान वध का फलक लगाया था; किन्तु पुलिस ने उस पर आपत्ति व्यक्तकर उसे हटाने की चेतावनी दी थी । साथ ही २९ अगस्त की प्रातः १०.३० बजे तक उसे हटाने का आदेश भी दिया था । तथापि पुलिस ने उसे रात्रि १.३० बजे ही हटाकर नियंत्रण में ले लिया । इस पर हिन्दू क्रोधित हुए तथा उन्होंने सायंकाल तक दूसरा फलक लगा दिया ।

२. पुलिस एवं हिन्दू युवकों के मध्य एक दिन पूर्व धक्का–मुक्की की घटना भी घटी थी । उस समय अफजल खान वध के चित्र पर आपत्ति उठाने पर हिन्दू युवकों ने ‘जिले में लगे हुए टीपू सुलतान एवं औरंगजेब के सभी फ़्लेक्स हटाइए’, ऐसी विनती पुलिस से की थी ।

३. ‘जातीय सौहार्द बिगड़ेगा’ यह कारण देकर पुलिस अधीक्षक उमा प्रशांत के नेतृत्व में पुलिस ने हिन्दुओं द्वारा लगाए गए फलक हटाए, उसके उपरांत हिन्दू युवकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के साथ अफजल खान वध का एक अन्य फलक लगाया । फलक की पृष्ठभूमि में तलवार एवं हिन्दवी ध्वज था ।

४. इस पर पुलिस ने कुछ हिन्दू युवकों को नियंत्रण में लेकर बाद में छोड दिया, ऐसा ज्ञात हुआ है ।

संपादकीय भूमिका 

  • हिन्दुओं का विरोध अनदेखा कर क्रूरकर्मी टीपू सुलतान की जयंती को संरक्षण देनेवाली पुलिस यदि हिन्दुओं द्वारा लगाया गया अफजल खान वध का फलक हटाती है, तो यह ध्यान देने योग्य है !
  • कर्नाटक की कांग्रेस की हिन्दूद्वेषी शासन व्यवस्था देखते हुए वहां भविष्य में हिन्दुओं को उत्सव, पर्व, शौर्य दिवस आदि मनाने पर प्रतिबंध आए, तो आश्चर्य नहीं होगा !