रज-तम का प्रदूषण सभी प्रदूषणों की जड़ है !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी

‘ध्वनिप्रदूषण, जलप्रदूषण, वायुप्रदूषण आदि से संबंधित सदैव समाचार आते हैं; परंतु धर्म शिक्षा के अभाव में उनकी जड़ रज-तम के प्रदूषण की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता !’

– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले