सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘ध्वनिप्रदूषण, जलप्रदूषण, वायुप्रदूषण आदि से संबंधित सदैव समाचार आते हैं; परंतु धर्म शिक्षा के अभाव में उनकी जड़ रज-तम के प्रदूषण की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता !’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
मुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !
मथुरा (उत्तर प्रदेश) में रामराज्य की स्थापना हेतु की गई सामूहिक प्रार्थना !
हिन्दुओ, तृतीय विश्वयुद्ध के दुष्परिणाम टालने के लिए यज्ञसंस्कृति का पुनरुत्थान करो !
यज्ञसंस्कृति को पुनर्जीवित करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी !
मुंबई में ‘शंखनाद महोत्सव’ करने समान ही फल श्री राजमातंगी महायज्ञ से प्राप्त हुआ है !