आतंकवाद का धर्म होता है, तथा वह है मुसलमान !- Sadhvi Pragya Singh

भाजपा की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञासिंह का वक्तव्य

भाजपा की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर

भोपाल (मध्य प्रदेश) – मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण में निर्दोष छूटने के उपरांत भाजपा की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर अपने गृह नगर भोपाल लौट आईं । इस समय ‘भारत माता की जय’ के नारों एवं पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया । यहां पत्रकारों से बात करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि कौन कहता है कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता ? आतंकवाद का रंग हरा है । हरे रंग के झंडे के नीचे आतंकवाद फैलाया जाता है । इन लोगों ने हरा रंग लेकर पहलगाम में जो कुछ किया, वह सबके सामने है । वहां आतंकवादियों ने लोगों से पूछा, ‘क्या तुम हिन्दू हो ?’ एवं फिर कपडे उतरवाकर जांच करने के पश्चात गोलियां चलाईं । ‘मुसलमान आतंकवाद’ होता है, यह निश्चित है ।

हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकते !

साध्वी प्रज्ञासिंह ने कहा कि मालेगांव बमविस्फोट के प्रकरण में १७ साल तक शारीरिक एवं मानसिक यातनाएं सहनी पडीं; परंतु अंत में सत्य की ही जीत हुई । कांग्रेस ने ‘भगवा आतंकवाद’ की एक झूठी कहानी गढी; तथापि वह टिकी नहीं । हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकते; क्योंकि हिन्दू सहिष्णु होते हैं । ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ ही हमारी शिक्षा है । कांग्रेस ने अधर्मी मानसिकता को बढावा दिया तथा हिन्दुओं को अपमानित करने का षड्‌यंत्र रचा । कांग्रेस आतंकवादियों के लिए आंसू बहाती है तथा हिन्दुओं का उत्पीडन करती है । दिग्विजय सिंह तो पूरी तरह से दिग्भ्रमित हो गए हैं । उनका नाम ही अशुभ है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता !’ – ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन

साध्वी प्रज्ञा के इस वक्तव्य पर विपक्षी दलों एवं मुस्लिम संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है । ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने साध्वी के वक्तव्य को ‘इस्लामोफोबिया’ (इस्लाम से घृणा) बताया । रशीदी ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी धर्म से जोडना न केवल अनुचित है, अपितु समाज को विभाजित करनेवाला भी है । जब दूसरे धर्मों के लोग पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आई.एस.आई. (इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस – अंतर्राष्ट्रीय सेवा गुप्तचर एजेंसी) के लिए गुप्तचरी करते पकडे जाते हैं, तो क्या उन्हें ‘हिन्दू आतंकवादी’ या ‘भगवा आतंकवादी’ कहते हैं ? (ऐसे देशद्रोहियों को फांसी ही दी जानी चाहिए, यही हिन्दुओं की मांग होती है; परंतु जब जिहादी पकडे जाते हैं, तो कितने संगठन या मौलाना रशीदी एवं उनका संगठन ऐसे लोगों को फांसी देने की मांग करते हैं ? – संपादक) आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता, वे मानवता के शत्रु होते हैं । (क्या रशीदी ने कभी इस्लामिक स्टेट, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, सिमी जैसे जिहादी संगठनों के बारे में ऐसा कहा है ? – संपादक)

साध्वी समाज में फूट डालने का प्रयास कर रही हैं ! – कांग्रेस

कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने साध्वी के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायालयों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता । साध्वी प्रज्ञासिंह का वक्तव्य अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है । वह एक बार फिर समाज में फूट डालने का प्रयास कर रही हैं ।

संपादकीय भूमिका 

  • जब कांग्रेस ने ‘हिन्दू आतंकवाद’ तथा ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना आरंभ किया, तब मुस्लिम संगठनों ने उसका विरोध करते हुए ‘आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता’, ऐसा क्यों नहीं कहा ? देश में पिछले ३५ वर्षों से जिहादी आतंकवाद जारी है, क्या उसके विरुद्ध किसी भी मुस्लिम संगठन ने कभी सडक पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है ? क्या किसी भी जिहादी आतंकवादी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है ? इसके विपरीत, उन संगठनों पर प्रतिबंध का विरोध ही किया है !
  • कांग्रेस ने ‘हिन्दू आतंकवाद’ कहा तो वह वास्तविकता है तथा साध्वी प्रज्ञासिंह ने ‘मुसलमान आतंकवाद’ कहा तो वह फूट डालने का प्रयास है, यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड ही नहीं, अपितु हिन्दू विरोधी एवं मुस्लिम प्रेम भी है !