हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से उत्तर भारत के देहली, फरीदाबाद (हरियाणा), नोएडा, मथुरा, वाराणसी, (उत्तर प्रदेश) में भावपूर्ण वातावरण में ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ संपन्न हुआ । इस विषय में संक्षेप में वृत्तांत यहां दे रहे हैं ।

देहली
स्वयं की सुरक्षा का दायित्व स्वयं लेने पर ही हम सुरक्षित रह सकते हैं ! – श्री. चक्रधारी, प्रशिक्षक एवं सुरक्षा वास्तुकार
‘किसी भी देश को सुरक्षित एवं शांत रखना है, तो उसे स्वयं की शक्ति बढानी पडती है । भारत ने भी परमाणु बम बनाकर विश्व को उसकी शक्ति दिखाई तथा स्वयं को सुरक्षित किया । उसी प्रकार स्वयं को भी सुरक्षित रखना है, तो पुलिस एवं सेना पर निर्भर न रहकर स्वयं की शक्ति बढाकर स्वयं की सुरक्षा का दायित्व स्वयं ही लेना होगा, तभी हम सुरक्षित रह सकते हैं’, ऐसा प्रतिपादन श्री. चक्रधारी ने किया । देहली के कालकाजी के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में वे ऐसा बोल रहे थे । इस अवसर पर समिति के प्रवक्ता श्री. नरेंद्र सुर्वे ने भी उपस्थित जिज्ञासुओं को संबोधित किया ।
फरीदाबाद
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु एकत्रित होकर कार्य करना पडेगा ! – राकेश यादव, सहायक निदेशक (सेवानिवृत्त), गुप्तचर विभाग
‘‘विगत ७५ वर्षाें से केवल हिन्दुओं के साथ ही धोखा किया जा रहा है । वोटबैंक के नाम पर, व्यक्तिगत लाभ के लिए तथा उनके परिवारों को प्रोत्साहित करने हेतु धर्म अथवा जाति के नाम पर हिन्दुओं को बांटा जा रहा है । इसलिए हिन्दुओं को सतर्क होकर अपने घरों, परिवारों तथा बच्चों में सनातन धर्म के प्रति जागरूकता एवं मूल्य स्थापित करने चाहिए । जिस प्रकार घर में पूजा, सत्संग एवं साधना करना आवश्यक है, उसी प्रकार हमें हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु भी एकत्रित होकर कार्य करना होगा ।’’, ऐसा प्रतिपादन गुप्तचर विभाग के (‘आई.बी.’ के ) सहायक निदेशक (सेवानिवृत्त) श्री. राकेश यादव ने किया । यहां के शिवशक्ति मंदिर में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में ऐसा बोल रहे थे । कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ता विदित यादव ने स्वरक्षा प्रदर्शन प्रस्तुत किए ।
नोएडा
उच्च स्तर का आनंद प्राप्त करने हेतु साधना का लक्ष्य भी बडा होना चाहिए ! – समीर कुमार, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी
‘‘जीवन में हम छोटे-छोटे सुखों के पीछे दौडते रहते हैं; परंतु यदि हमें सच्चा एवं सर्वोच्च आनंद चाहिए हो, तो जीवन में हमारा ध्येय भी बडा होना आवश्यक है । जब किसी बच्चे को साइकिल मिलती है तथा कालांतर में उसे गाडी मिलती है, तब उससे पहले की बातों के प्रति आकर्षण अपनेआप अल्प होता है । उसी प्रकार हमारा लक्ष्य ईश्वरप्राप्ति जैसा उच्च है, तो गृहस्थी का आकर्षक एवं भ्रम अपनेआप ही दूर हो जाएगा । हमारे जीवन में गुरु आने के उपरांत भी हमने कुछ नहीं किया, तो दोष हममें ही है’’, ऐसा प्रतिपादन पूर्व प्रशासनिक अधिकारी समीर कुमार ने किया । वे नोएडा के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में अपने विचार रख रहे थे ।
मथुरा
समाज को टिकाए रखने हेतु राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा करना आवश्यक ! – डॉ. राजकुमार गुप्ता, प्रसिद्ध हृदयरोग चिकित्सक
‘‘विदेशी लोग भारतीय संस्कृति को अंग्रेजी भाषा में रूपांतरित कर बेच रहे हैं; परंतु हमें हमारी ही हिन्दू संस्कृति का पालन करने में लज्जा प्रतीत होती है । देश में आज खुलेआम धर्मांतरण हो रहा है । हमें अपनी अस्मिता के लिए संघर्ष करना पड रहा है । मानवीय शरीर में हृदय जब काम करना बंद कर देता है, उस समय उसके अंग भी काम नहीं करते । उसी प्रकार राष्ट्र एवं धर्म भी समाजरूपी मनुष्य का हृदय है, अतः वह निष्क्रिय हुआ, तो उससे समाज का विनाश निश्चित है । अतः हमें अपने हित के लिए राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा करना आवश्यक है’’, ऐसा प्रतिपादन प्रसिद्ध हृदयरोग चिकित्सक डॉ. राजकुमार गुप्ता ने किया । मथुरा के ‘नेशनल चेंबर्स’ के सभागार में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में वे ऐसा बोल रहे थे ।
क्षणिका
सभागार के एक कर्मचारी ने कहा, ‘‘अन्य कार्यक्रम में जब खान-पान की व्यवस्था होती है, तब वहां लोगों की भीड होती है; परंतु यहां उच्च पदों पर आसीन तथा धनवान लोग भी सर्व प्रकार की सेवाएं कर रहे हैं, जो विशेष है ।’’
राजस्थान

राष्ट्र और धर्म के लिए सक्रिय होना ही सच्ची गुरुदक्षिणा है – सदगुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी
अजमेर – ‘‘आज संपूर्ण विश्व पर तृतीय विश्वयुद्ध की तलवार लटक रही है । देश के भीतर भी पहलगाम जैसे हालात, दंगे, फेक नैरेटिव्स, लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि के माध्यम से हिन्दुओं को लक्ष्य बनाया जा रहा है । ऐसे में हिन्दू समाज में भ्रम की स्थिति है । महाभारत के समय अर्जुन भी इसी भ्रम में थे, तब श्रीकृष्ण ने कहा था – ‘अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करना ही धर्म है ।’ यही हमारी गुरु-शिष्य परंपरा का आदर्श है और उसी मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरुदक्षिणा है’’, ये विचार हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक संत सद्गुरु डॉ. चारुदत पिंगळेजी ने व्यक्त किए । वे यहां सूचना केंद्र सभागार में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में बोल रहे थे । हिन्दू जनजागृति समिति के राजस्थान एवं मध्य प्रदेश समन्वयक आनंद जखोटिया ने हिन्दू जनजागृति समिति के कार्य का परिचय बताया ।
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय सहमंत्री श्री. आनंद प्रकाशजी गोयल ने कहा कि ‘‘लोग अच्छे गुरु की पहचान में जीवन गंवा देते हैं, पर स्वयं अच्छा शिष्य बनने के लिए प्रयास नहीं करते । गुरुपूर्णिमा पर हमें अच्छा शिष्य बनने का संकल्प करना होगा । वर्तमान राष्ट्र और धर्म की स्थिति को देखते हुए सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा धर्मशिक्षा वैज्ञानिक धरातल पर देने के लिए विकसित की गई प्रदर्शनी अद्भुत है । हम अजमेर में १२५ से अधिक मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड के माध्यम से हिन्दू समाज के संगठन का प्रयास कर रहे हैं । आग्रह व्रत अभियान के माध्यम से हिन्दू जागृति का कार्य करनेवाले पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक श्री. राहुल सिसोदियाजी का इस समय सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी द्वारा सम्मान किया गया ।
उत्तर प्रदेश

हिन्दू साधना कर आत्मिक बल बढाएं । – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, हिन्दू जनजागृति समिति
वाराणसी – यहां पहडिया स्थित होटल सुरभि इंटरनेशनल में गुरुपूर्णिमा महोत्सव मेंं सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा, ‘‘महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करना ही धर्म है । गुरुतत्त्व को यही अपेक्षित है कि हिन्दू साधना कर आत्मिक बल बढाएं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएं । सेवानिवृत्त पुलिस उप-अधीक्षक सर्वजीत शाही ने भी उपस्थित लोगों को युद्ध समय एवं आपातकालीन स्थिति में स्वयं की रक्षा के साथ-साथ अपने स्थान के हिन्दुओं की रक्षा कैसे करें, इस विषय में मार्गदर्शन किया । उनके हाथों गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में स्मारिका का विमोचन भी किया गया ।
लखनऊ – उत्तर प्रदेश विधानसभा के मुख्य सचिव श्री. प्रदीप दूबेजी ने बताया कि ‘‘संविधान में डाले गए सेक्युलर शब्द को संविधान सभा ने तीन बार नकारा है और उसे संविधान से निकालना आवश्यक है । धर्मनिरपेक्ष होने की बात करना प्रकृति प्रदत्त मूल्यों के विरुद्ध बात करने जैसा है ।’’
सैदपुर (गाजीपुर) – ‘‘यदि हम धर्म के विषय में जागरूक होंगे, तो कोई भी हमारे धर्म के विरुद्ध कुछ भी बोलने का साहस नहीं करेगा ।’’ ऐसा वक्तव्य श्री. राजन केशरी ने यहां के कौशिक उपवन मैरेज हॉल में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में किया ।
ज्ञानवापी मुक्ति के लिए संघर्षरत अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने हिन्दू समाज की वर्तमान स्थिित एवं हिन्दुओं के अपने धर्म के प्रति कर्तव्यों के संदर्भ में मागदर्शन किया ।
प्रयागराज – यहां के शिवकुटी रोड स्थित बी.बी.एस. स्कूल एंड इंटरकॉलेज में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सचिव रह चुके प्रयागराज के सुप्रसिद्ध डॉक्टर एवं किलकारी अस्पताल के मुख्य प्रबंधक डॉ. युगान्तर पाण्डे ने भारत तथा विदेश में भी हिन्दूविरोधी शक्तियां किस प्रकार संगठित होकर षड्यंत्र रच रही हैं, इस बारे में जनजागरण किया । ‘हिन्दुओं को भी संगठित होकर इसका प्रतिकार करने के लिए आगे आना होगा’, ऐसा आवाहन भी उन्होंने किया । इस अवसर पर प्रयागराज के हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. अतुल खन्ना ने ‘हिन्दुत्व को पूर्णकालिक समर्पित माता गुरु, जो अपने गुरु की इच्छापूर्ति – हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिया जीवनदान दे रही हैं, ऐसी मातृशक्ति का गुरु सम्मान’, ऐसे शब्दों के साथ सनातन संस्था की श्रीमती प्राची जुवेकर का सम्मान किया ।
नटवा (वाराणसी) – यहां के बडागांव स्थित शिवपुरी वाटिका में हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार मौर्य ने ‘युद्ध के समय हिन्दू-संगठन का महत्त्व तथा हिन्दू समाज स्वयं की रक्षा कैसे करे ?’ इस विषय पर लोगों का प्रबोधन किया ।
भदोही – यहां के औराई रोड स्थित सेलिब्रेशन पैलेस में हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. गुरुराज प्रभु ने उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ‘‘सनातन धर्म और राष्ट्र ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । यदि हिंदू धर्म नहीं रहेगा, तो राष्ट्र नहीं रहेगा और यदि राष्ट्र नहीं रहेगा, तो धर्म का पालन करना संभव नहीं होगा । अतः उसके लिए प्रयास करें ।’’
बिहार
हाजीपुर – यहां के कुशवाहा आश्रम में आयोजित गुरुपूर्णिमा में सनातन संस्था के श्री. संजय सिंह ने श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ‘‘जब धर्म पर संकट आया, तब धर्म की पुनर्स्थापना का कार्य गुरु-शिष्य परंपरा ने किया है । आज भी परमकल्याणकारी गुरुतत्त्व सनातन धर्म की रक्षा हेतु, साथ ही भारत के उत्कर्ष हेतु कार्यरत है ।’’
अधिवक्ता समरजीत सिंह ने उनके द्वारा किए गए हिन्दूरक्षा के कार्य का अनुभव कथन किया ।
इस महोत्सव में हाजीपुर के विधायक अवधेश कुमार सिंह, पंचशील महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा एवं नगर परिषद, हाजीपुर की सभापति श्रीमती संगीता कुमारी भी उपस्थित थीं । महोत्सव हेतु श्री. सुजीत सोनी का बहुत अच्छा योगदान रहा ।
मुजफ्फरपुर
यहां के चेम्बर ऑफ कॉमर्स में सनातन संस्था के श्री. रंजीत प्रसाद ने राष्ट्र-धर्म के विषय में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ‘‘जैसे स्वामी विवेकानंदजी ने अपने गुरु की आज्ञा मानकर विदेश में भी हिन्दू धर्म का ध्वज लहराया, उसी प्रकार हमें भी राष्ट्र–धर्म के कार्य में स्वयं को समर्पित करने और पूर्ण क्षमता से राष्ट्र–धर्म रक्षा का कार्य करने का प्रयास करना चाहिए ।’’
समस्तीपुर
यहां के बारह पत्थर चौक में स्थित प्रीतिका इंटरनेशनल होटल में कार्यक्रम का आयोजन हुआ । सनातन संस्था की श्रीमती सानिका सिंह ने उपस्थितों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि ‘साधना एवं धर्म’ यदि संगठन की नींव होंगे, तो ही राष्ट्र–धर्म कार्य की इमारत ठोस रह सकती है । साधना से ही किसी भी परिस्थिति का सामना करने की, किसी भी परिस्थिति में स्थिर रहने की, तथा उचित निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त होती है, अतः सभी साधना आरंभ करें ।
क्षणिकाएं
१. समस्तीपुर के होटल प्रीतिका के मालिक हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. मनोज गुप्ता ने सभागृह, प्रोजेक्टर तथा अन्य प्रबंध नि:शुल्क करवाया । आगे से भी प्रत्येक वर्ष की गुरुपूर्णिमा के लिए यही होटल आप लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा, ऐसे भी उन्होंने कहा ।
२. हितचिंतक श्री. रमेश शर्मा ने भी इस महोत्सव में बहुत सहयोग किया ।
झारखंड
कतरासगढ – यहां आयोजित महोत्सव में मार्गदर्शन करते हुए पूज्य डॉ. शिवनारायण सेनजी, सह सचिव, शास्त्र धर्म प्रचार सभा, कोलकाता एवं साप्ताहिक पत्रिका ‘ट्रुथ’ के सम्पादक, ने यह प्रतिपादित किया कि हमारे जीने के लिए राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा आवश्यक है ! जिस प्रकार हृदय की गति बन्द होने पर शरीर के अन्य अंग कार्य नहीं करते, उसी प्रकार देश एवं धर्म, जो समाजरूपी पुरुष के हृदय हैं, यदि निष्क्रिय हो जाएं तो समाज का विनाश अटल है ।
सनातन संस्था के धर्म प्रचारक पू. प्रदीप खेमकाजी ने भी गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर मार्गदर्शन किया ।
धनबाद – यहां के राजकमल विद्यालय के सभागृह में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में मार्गदर्शन करते हुए श्री सुनील कुमार, जिला मंत्री, विश्व हिन्दू परिषद (सेना से सेवानिवृत्त) ने कहा कि राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के लिए हमें जागृत एवं संगठित होना होगा । धनबाद में हुए गुरु पूर्णिमा महोत्सव में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से कुमारी कनक भारद्वाज ने मार्गदर्शन किया ।
रांची – यहां हुए गुरुपूर्णिमा महोत्सव में प्रसिद्ध लेखिका एवं रांची सिटिजन फोरम की उपाध्यक्ष डॉ. रेणुका तिवारी ने कहा, ‘‘राष्ट्र एवं धर्म सुरक्षित होगा, तो समाज सुरक्षित रहेगा; समाज सुरक्षित रहेगा, तो व्यक्ति सुरक्षित रहेगा ।’’
‘‘हिन्दू साधना कर आत्मिक बल बढाएं तथा अधर्म के विरुद्ध सक्रिय हों’’, ऐसा आवाहन हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व-पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वय श्री. शंभू गवारे ने किया । वे रांची में आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव में बोल रहे थे ।
विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष श्री चंद्रकांत रायपत महोत्सव में उपस्थित थे ।
झारखंड – बिहार माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री. राजकुमार मारू, रांची माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री किशन साबू, सूचना अधिकार कार्यकर्ता, अधिवक्ता बहुचर्चित सामाजिक कार्यकर्ता. डॉ. रेणुका तिवारी, अध्यक्ष रांची सिटिजन फोरम, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ऑल व्यापार संगठन के अध्यक्ष श्री. दीपेश निराला सहित अनेक मान्यवर सहभागी हुए थे ।
कोलकाता – यहां हुए महोत्सव में मार्गदर्शन करते हुए श्री. सूरज कुमार सिंह, संस्थापक अध्यक्ष, श्रीराम स्वाभिमान परिषद ने प. बंगाल के पौराणिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं क्रांतिकारी धरोहर के लिए प्रसिद्ध है । स्वामी विवेकानंद, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, खुदीराम बोस जैसे महापुरुषों की इस भूमि ने केवल भारत ही नहीं, अपितु पूरे विश्व को दिशा दी है । डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने बंगाल को विभाजन से बचाया एवं हिन्दुओं की रक्षा की । यह भूमि साधु-संत, ऋषि-मुनि एवं मातृशक्ति की परंपरा के कारण पूजनीय है ।
Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !