हर दिन की प्रार्थना सभा में होगा श्लोक पाठ

देहरादून (उत्तराखंड) – उत्तराखंड सरकार ने १७ जुलाई को एक महत्वपूर्ण आदेश प्रसारित किया है । इसके अनुसार राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में भगवद्गीता का एक श्लोक पढ़ा जाएगा तथा उसका अर्थ समझाया जाएगा । राज्य में कुल १७ हजार सरकारी स्कूल हैं ।
इस वर्ष हरेला पर्व पर उत्तराखंड में प्रकृति संरक्षण का नया अध्याय जुड़ा। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की प्रेरणा से शुरू हुए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को “हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ” थीम से जोड़ते हुए एक दिन में 8 लाख 13 हजार से अधिक पौधे लगाए गए।… pic.twitter.com/SpeGbjJGj0
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 17, 2025
हर सप्ताह श्लोकों का छात्रों पर प्रभाव जांचा जाएगा

आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षक केवल श्लोकों का पाठ ही न करें, अपितु उसका सार्थक अर्थ, वैज्ञानिक संदर्भ और नैतिक शिक्षा छात्रों को समझाएं । हर सप्ताह एक श्लोक “सप्ताह का श्लोक” के रूप में चयनित किया जाएगा, जिसे स्कूल के सूचना पट्ट पर लिखा जाएगा । सप्ताहांत में छात्रों पर उस श्लोक का क्या प्रभाव पड़ा, इस पर चर्चा की जाएगी एवं अभिप्राय लिया जाएगा ।
छात्रों में कर्तव्यनिष्ठा विकसित होगी – मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे छात्रों में कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और भावनात्मक संतुलन जैसे गुणों का विकास होगा ।
📖 Daily Gita in Schools! 🚩
Uttarakhand Govt makes Shrimad Bhagavad Gita recitation mandatory in all govt schools during morning assembly! 🙏
👏 Kudos to @pushkardhami & BJP Govt!
It must be made mandatory in all govt & private schools across Bharat! 🇮🇳
“Duty-consciousness… pic.twitter.com/4FwCWJ0hPe
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 17, 2025
शिक्षक संघों का विरोध
कुछ शिक्षक संघों ने इस निर्णय की आलोचना की है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद २८(१)का प्रमाण देते हुए इसे धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध और धार्मिक बाध्यता थोपने वाला कदम बताया है । इस निर्णय को लेकर शैक्षणिक संस्थानों और अभिभावकों के बीच चर्चा तथा विवाद की प्रक्रिया चल रही है ।
(ऐसे ढोंगी धर्मनिरपेक्षतावादियों के कारण ही देश नैतिक रूप से पतन की ओर जा रहा है । अतः अब ऐसे विरोधों को दृढतापूर्वक समाप्त करना आवश्यक है – संपादक)
उत्तराखंड के मदरसों में भी होगा गीता श्लोकों का पाठ – मदरसा बोर्ड अध्यक्ष शमून कासमी

उत्तराखंड के मदरसों में भी भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया जाएगा । राज्य की “मदरसा शिक्षा परिषद” के अध्यक्ष शमून कासमी ने यह घोषणा की है । उन्होंने मुख्यमंत्री धामी सरकार के निर्णय का स्वागत किया है । (यदि उत्तराखंड के मदरसों में यह संभव है, तो अन्य मदरसों में क्यों नहीं ? – संपादक)
कुछ मदरसों में संस्कृत भी पढ़ाई जाएगी
कासमी के अनुसार कुछ चुनिंदा मदरसों में संस्कृत भाषा की शिक्षा भी आरंभ की जाएगी तथा धीरे-धीरे यह सभी मदरसों में लागू की जाएगी । उन्होंने कहा कि भगवद्गीता में श्रीकृष्ण का उपदेश है, एवं यदि स्कूलों में गीता का पाठ होगा तो सामाजिक समरसता स्थापित होगी । अतः मदरसों में भी यह लागू किया जाएगा ।
संपादकीय भूमिकाउत्तराखंड की भाजपा सरकार को बधाई ,देश के सभी सरकारी एवं व्यक्तिगत विद्यालयों में भगवद्गीता अनिवार्य की जानी चाहिए । केंद्र सरकार व अन्य राज्य सरकारों को भी ऐसा ही निर्णय लेना चाहिए । |
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