Mahabharata Dating : १३ जून को ‘प्राच्यम’ का बहुप्रतीक्षित वृत्तचित्र ‘महाभारत का कालनिर्धारण’ होगा प्रदर्शित !

  • प्रसिद्ध शोधकर्ता श्री  नीलेश ओक के शोध पर आधारित ।

  • महाभारत कोई मिथक नहीं, अपितु इतिहास है – इसे विज्ञान के आधार पर सिद्ध करने का प्रयास ।

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध शोधकर्ता श्री नीलेश नीलकंठ ओक के क्रांतिकारी शोध पर आधारित ‘महाभारत का काल निर्धारण’ यह वृत्तचित्र १३ जून को प्रदर्शित हो रहा है, ऐसी जानकारी ‘प्राच्यम स्टूडियोज’ के संस्थापक श्री प्रवीण चतुर्वेदी ने ‘सनातन प्रभात’ को दी । उन्होंने बताया कि इस वृत्तचित्र में ज्योतिषशास्त्र, पुरातत्त्वशास्त्र, समुद्रशास्त्र तथा हिन्दुओं के प्राचीन धर्मग्रंथों को जोड़कर महाभारत युद्ध का वास्तविक कालखंड किस प्रकार उजागर किया गया है, यह दर्शाया गया है । यह वृत्तचित्र अंग्रेजी भाषा में है एवं शीघ्र ही हिंदी भाषा में भी प्रदर्शित किया जाएगा ।

१. इस डॉक्युमेंट्री में श्री ओक द्वारा किए गए शोध को प्रस्तुत किया गया है । इस शोध में उन्होंने ज्योतिष, पुरातत्त्व तथा ग्रंथों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि महाभारत युद्ध का कालखंड ईसा पूर्व ५५७१ वर्ष है ।

२. यह वृत्तचित्र पाश्चात्य इतिहासकारों की धारणाओं को चुनौती देता है, जिन्होंने भारतीय हिन्दू परंपराओं को खंडित तथा अर्वाचीन बताया था ।

३. आकर्षक दृश्यों, प्राचीन संदर्भों एवं खगोलीय अनुकरण के माध्यम से, यह वृत्तचित्र इस बात को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है कि ‘महाभारत एक ऐतिहासिक सत्य है’।

४. वर्ष २०२१ में ‘प्राच्यम स्टुडियोज’ ने हिन्दू धर्म के विभिन्न अंगों को उजागर करनेवाले १० ‘इंडिक’ (भारतीय परंपराओं पर आधारित) वृत्तचित्र बनाने का संकल्प लिया था। यह वृत्तचित्र उस श्रृंखला का पांचवां वृत्तचित्र है ।

‘महाभारत का काल निर्धारण’ वृत्तचित्र कैसे देख सकते हैं ?

‘प्राच्यम स्टूडियो’ का लोगो

यह वृत्तचित्र ‘प्राच्यम’ के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकेगा । यहां पर इस फिल्म की गुणवत्ता और भी उच्चस्तरीय होगी ।

4K रेजोल्यूशन, डॉल्बी डिजिटल साउंड जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर इस डॉक्युमेंट्री को और अधिक आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा । साथ ही ‘एक्सटेंडेड डायरेक्टर्स कट’ अर्थात वृत्तचित्र के अतिरिक्त अंश भी यहां उपलब्ध होंगे । यह ऐप प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है ।