गोवा में १७ मई से गुूजेगा सनातन राष्ट्र का दिव्य शंखनाद

  • सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का ८३वां जन्मोत्सव !

  • गोवा राज्यभर से ५ सहस्त्र से अधिक लोगों की उपस्थिति अपेक्षित !

पत्रकार वार्ता में बाऐं से क्रमशः श्री सत्यविजय नाईक, प्रणव साधले, जयंत मिरिंगकर, अरुण देसाई, अभय वर्तक, नारायण नावती एवं अनिल नाईक उपस्थित

फोंडा (गोवा) – जिस प्रकार श्रीराम के विजय का शंखनाद अयोध्या से समस्त दिशाओं में गुंज उठा था, उसी प्रकार सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बालाजी आठवलेजी के ८३वें जन्मोत्सव एवं संस्था के रजत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में ‘सनातन राष्ट्र’ का दिव्य शंखनाद भगवान श्री परशुराम की चरणरज से पावन गोमंतक भूमि में गुूजने जा रहा है ।

१७ से १९ मई की कालावधि में सनातन संस्था द्वारा फर्मागुड़ी स्थित अभियांत्रिकी महाविद्यालय के मैदान में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का ऐतिहासिक आयोजन किया गया है । भारत सहित २३ देशों के नागरिक, संत, महंत, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री एवं २५ सहस्त्र से अधिक साधक तथा धर्मनिष्ठ हिन्दुओं की उपस्थिति इस महोत्सव की विशेषता होगी । यह दिव्य शंखनाद रामराज्य की ओर उठाया गया अगला कदम होगा ।

इस महोत्सव हेतु गोवा राज्यभर से ५ सहस्त्र से अधिक साधक, धर्मनिष्ठ हिन्दू तथा प्रतिष्ठित जन उपस्थित रहेंगे, ऐसा विवरण सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री अभय वर्तक ने पत्रकार परिषद में दिया ।

फोंडा के ‘पॅन अरोमा’ नामक होटल में संपन्न इस पत्रकार परिषद में पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी श्री अरुण देसाई, गोवा के पूर्व निर्वाचन आयुक्त श्री नारायण नावती, कवळे स्थित श्री शांतादुर्गा मंदिर के पुरोहित श्री प्रणव साधले, उद्योगपति श्री जयंत मिरिंगकर, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री नरेंद्राचार्यजी महाराज के अनुयायी श्री अनिल नाईक एवं हिन्दू जनजागृति समिति के गोवा राज्य संयोजक श्री सत्यविजय नाईक उपस्थित थे ।

शंखनाद महोत्सव के संबंध में पत्रकार परिषद में दिया गया विवरण 

सनातन धर्म की सेवा हेतु समर्पित होकर विशेष कार्य करने वाले हिन्दू वीरों को ‘हिन्दू राष्ट्ररत्न’ जीवन गौरव पुरस्कार तथा धर्म की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले धर्मरक्षकों को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार पूज्य संतों के करकमलों से प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा, ऐसा विवरण गोवा के पूर्व निर्वाचन आयुक्त श्री नारायण नावती ने इस अवसर पर दिया ।

श्री छत्रपती शिवाजी महाराज के कालखंड की प्राचीन एवं दुर्लभ शस्त्रों की प्रदर्शनी ६ सहस्त्र वर्गफुट क्षेत्र में सजाई जाएगी । इसमें गोवा के सौंदेकर कुल की प्राचीन शस्त्र सामग्री सम्मिलित होगी । गोमंतक क्षेत्र की विविध लोककलाओं का प्रस्तुति भी इस अवसर पर की जाएगी, ऐसा पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी श्री अरुण देसाई ने बताया ।

इस महोत्सव में एक सहस्त्र वर्ष पूर्व के सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का दर्शन एवं विविध संतों की पादुकाओं के दर्शन का भी लाभ मिलेगा, ऐसा विवरण उद्योगपति श्री जयंत मिरिंगकर ने दिया ।

गोवा के विविध क्षेत्रों के मान्यवरों को निमंत्रण 

हिन्दू जनजागृति समिति के गोवा राज्य संयोजक श्री सत्यविजय नाईक ने बताया कि १९ मई को ‘महाधन्वंतरि यज्ञ’ तथा २० से २२ मई तक ‘शतचंडी यज्ञ’ संपन्न किया जाएगा । इस महोत्सव में श्रीक्षेत्र तपोभूमि (कुंडई, गोवा) के पीठाधीश्वर पद्मश्री सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्य स्वामीजी, गोवा के राज्यपाल श्री पी. एस्. श्रीधरन पिल्लई, केरल राज्य के राज्यपाल श्री राजेन्द्र आर्लेकर, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री श्रीपाद नाईक, गोवा राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, विद्युत मंत्री श्री सुदीन ढवळीकर, एवं गोवा के समस्त जनप्रतिनिधि, राष्ट्रप्रेमी तथा धर्मनिष्ठ संगठनों के प्रमुख पदाधिकारीगण आमंत्रित किए गए हैं ।

इस महोत्सव में अति महनीय व्यक्तियों की उपस्थिति होने से सुरक्षा कारणवश सभी को प्रवेश हेतु शासनमान्य पहचानपत्र लाना अनिवार्य रहेगा । इस कार्यक्रम के विस्तृत विवरण हेतु SanatanRashtraShankhnad.in इस जालस्थल को अवश्य देखें ऐसा आव्हान किया गया ।