सनातन की ग्रन्थमाला

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजीकी गुरुसे हुई भेंट एवं उनका गुरुसे सीखना
- सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का साधना हेतु प्रवृत्त होना
- गुरुचरणों में तन-मन-धन अर्पित करना
- सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजीके प्रथम ग्रन्थ ‘अध्यात्मशास्त्र’ से अधिक चैतन्य प्रक्षेपित होता है, यह दर्शानेवाला वैज्ञानिक परीक्षण

‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा लिए अभ्यासवर्ग’
- सन्तों के नाम का जप एवं भगवान का नामजप उपचारों की विभिन्न पद्धतियां कौनसी हैं ?
- गुरुकी अनुमतिके बिना कुछ भी न करें !
- अध्यात्ममें भावनाकी अपेक्षा साक्षिभाव महत्त्वपूर्ण !

ग्रंथ ‘ऑनलाइन’ खरीदने हेतु :- SanatanShop.com
संपर्क क्रमांक : 9322315317
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !