सनातन की ग्रन्थमाला

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजीकी गुरुसे हुई भेंट एवं उनका गुरुसे सीखना
- सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का साधना हेतु प्रवृत्त होना
- गुरुचरणों में तन-मन-धन अर्पित करना
- सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजीके प्रथम ग्रन्थ ‘अध्यात्मशास्त्र’ से अधिक चैतन्य प्रक्षेपित होता है, यह दर्शानेवाला वैज्ञानिक परीक्षण

‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा लिए अभ्यासवर्ग’
- सन्तों के नाम का जप एवं भगवान का नामजप उपचारों की विभिन्न पद्धतियां कौनसी हैं ?
- गुरुकी अनुमतिके बिना कुछ भी न करें !
- अध्यात्ममें भावनाकी अपेक्षा साक्षिभाव महत्त्वपूर्ण !

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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
मुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !
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संपादकीय : राष्ट्र के लिए त्याग करें !
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