
काबुल (अफगानिस्तान) – अफगानिस्तान में सरकार बनने से पूर्व ही तालिबान की अंतर्गत गुटबाजी उजागर हो रही है । मुल्ला अब्दुल गनी बरादर, हिब्तुल्लाह अखुंदजादा और सिराजुद्दीन हक्कानी के आमने-सामने आने से अंतर्गत कलह निर्माण होने का समाचार है । यह मुल्ला बरादर और सिराजुद्दीन हक्कानी के बीच और अधिक प्रगाढ बताया जाता है ।
पाकिस्तान के कारण तालिबान में पड़ रही है फूट. जानिए वजह#Taliban #Pakistan #Afghanistan https://t.co/nNvb09t4CF
— AajTak (@aajtak) September 7, 2021
१. बरादार १९९४ में, तालिबान की स्थापना करने वाले चार प्रमुख नेताओं में से एक हैं । २००१ में, अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान को उखाड फेंकने के उपरांत, बरादर अमेरिका के विरुद्ध तालिबान की लडाई में प्रमुख नेताओं में से एक था । बरादार इस समय अल्पसंख्यकों को भी सरकार में सम्मिलित करने के पक्ष में हैं ।
२. दूसरी ओर, हक्कानी नेटवर्क का नेता सिराजुद्दीन हक्कानी किसी दूसरे की सरकार में सम्मिलित होने का विरोध कर रहा है । तालिबान के साथ होने पर भी उसका एक अपना स्वतंत्र आतंकवादी संगठन है, जिसे पाकिस्तान का भी समर्थन प्राप्त है ।
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