रूस एवं तालिबान सरकार के बीच सैन्य सहयोग का समझौता !

सुरक्षा सहयोग समझौते के बाद रूस के प्रतिनिधि और तालिबान प्रशासन के अधिकारी हाथ मिलाते हुए।

मॉस्को (रूस) – रूस ने तालिबान के साथ सैन्य सहयोग बढाने का समझौता किया है । मॉस्को में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच में रूस ने अफगानिस्तान के साथ इस समझौते को स्वीकृति दी । इस कार्यक्रम में तालिबान के रक्षा मंत्री भी उपस्थित थे । तालिबान सरकार को मान्यता देने के उपरांत रूस द्वारा तालिबान के साथ इतने उच्च स्तर का रक्षा सहयोग स्थापित करने का यह पहला अवसर है ।

यद्यपि इस समझौते के बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है, परंतु एक रिपोर्ट के अनुसार तालिबान के रक्षा मंत्री ने रूस से आधुनिक हवाई रक्षा प्रणाली की मांग की है । पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान निरंतर अफगानिस्तान पर आक्रमण कर रहा है । पाकिस्तान की सैन्य शक्ति की तुलना में अफगानिस्तान की शक्ति कम है । इसी कारण तालिबान अपनी सैन्य क्षमता बढाने का प्रयास कर रहा है ।

संपादकीय भूमिका

  • एक ओर पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता आया है कि भारत अफगानिस्तान के कंधे पर बंदूक रखकर पाकिस्तान विरोधी गतिविधियां चला रहा है । अब इस रक्षा समझौते के पश्चात पाकिस्तान की बेचैनी बढना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी !
  • कुछ दिन पूर्व ही चीन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने एक प्रकार से अमेरिका को चुनौती देने का प्रयास किया है । पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि चीन तथा ‘भारत का पुराना मित्र’ रूस आपस में अच्छे मित्र हैं । अब रूस की तालिबान से बढती निकटता के कारण दक्षिण एशिया में पाकिस्तान अलग-थलग पडता दिखाई दे रहा है । जिहादी पाकिस्तान के लिए इससे बडा दंड और क्या हो सकता है ?