पश्चिमी महाराष्ट्र के दूध में पाई गई २५ प्रतिशत मिलावट !

  • विधानसभा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री की स्वीकृति !

  • राज्य में कार्रवाई में विलंब होने की बात उजागर !

मुंबई, १० जुलाई (वार्ता) – खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्रवाई के पश्चात पश्चिमी महाराष्ट्र में संकलित (एकत्रित) होने वाले दूध में भारी गिरावट आई है । यह गिरावट वास्तव में कितनी हुई है ? इसकी जानकारी सदन को दी जाए, ऐसी मांग भाजपा के विधायक गोपीचंद पडलकर ने विधानसभा में की । इस पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवल ने ‘कार्रवाई के पश्चात पश्चिमी महाराष्ट्र में संकलित होने वाले दूध में २०-२५ प्रतिशत की गिरावट आई है’, ऐसी स्तब्ध करने वाली जानकारी सदन में दी । इससे यह स्पष्ट हो गया कि पश्चिमी महाराष्ट्र में संकलित होने वाले दूध में २५ प्रतिशत तक मिलावट की जा रही थी तथा कार्रवाई के पश्चात यह मिलावट थम गई है ।

झिरवल ने स्वीकार किया कि ‘मिलावट के विरुद्ध कठोर विधान (कानून) हैं; परंतु कार्रवाई में विलंब होता है’ । गोपीचंद पडलकर ने प्रश्न उपस्थित किया कि ‘दूध में मिलावट के प्रकरण में क्या दूध संघ के स्वामियों (मालिकों) के विरुद्ध अभियोग (मुकदमे) पंजीकृत किए गए हैं ?’ इस पर नरहरि झिरवल ने कहा कि अभियोग पंजीकृत किए गए हैं । राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक प्रकाश सोलंके ने ‘जालना की ‘मुंदड़ा इंडस्ट्रीज’ नामक घृत (घी) के कारखाने पर पड़े छापे में मिलावटयुक्त घी पाया गया, उस प्रकरण में क्या कार्रवाई की गई ?’ इस विषय में सदन में तारांकित प्रश्न उपस्थित किया था । इस अवसर पर दूध में मिलावट के विषय में चर्चा हुई । शिवसेना के विधायक अर्जुन खोतकर ने सदन को बताया कि इससे पूर्व भी ‘मुंदडा इंडस्ट्रीज’ में मिलावट पाई गई थी ।

मिलावट के कारण राज्य के करोडों लोगों का जीवन संकट में ! – विधायक गोपीचंद पडलकर, भाजपा

विधायक गोपीचंद पडलकर

मक्के की फसल में यूरिया डालकर यदि जल न दिया जाए, तो २ दिनों में फसल जल जाती है । मिलावटखोर यूरिया के माध्यम से दूध निर्मित कर राज्य के करोडों लोगों का जीवन नष्ट कर रहे हैं । मिलावटयुक्त दूध के माध्यम से बच्चों को विष पिलाया जा रहा है । अतः सरकार मिलावटखोरों पर कठोर कार्रवाई करे ।

घी में मिलावट सिद्ध होने पर १ लाख रुपये से लेकर मृत्युदंड तक का दंड ! – नरहरि झिरवल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री

‘मुंदडा इंडस्ट्रीज’ के घी के ८ नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए थे । उनमें से ६ नमूने अमानक (घटिया) पाए गए हैं; परंतु ये नमूने पुनः जांच (पुनर्पडताल) के लिए भेजे गए हैं । उस संदर्भ में जानकारी २३ जुलाई को प्राप्त होगी । उसके पश्चात कार्रवाई की जाएगी । मिलावट विरोधी कानून के अनुसार १ लाख रुपये अर्थदंड से लेकर मृत्युदंड तक के दंड का प्रावधान है । इसके अनुसार संबंधित स्वामी पर कार्रवाई की जाएगी ।

इस समय विधायक किशोर पाटिल ने मांग की कि ‘तुकाराम मुंढे की कार्रवाई के कारण कार्य सुचारू रूप से आरंभ हुआ है । इसलिए आगामी ३ वर्षों तक उनका स्थानांतरण (तबादला) न किया जाए’ । उस पर नरहरि झिरवल ने कहा कि ‘ऐसा नहीं होगा’ ।

कांग्रेस कार्यालय के भोजन में पाई गई मक्खी !

अधिवेशन की अवधि में कांग्रेस पक्ष के कार्यालय के भोजन में मक्खी पाई गई । इसलिए ‘विधानभवन में आने वाला भोजन क्या सुरक्षित है ?’ ऐसा प्रश्न कांग्रेस के विधायक विकास ठाकरे ने सदन में उपस्थित किया । उस पर अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इसे अत्यंत गंभीर बताते हुए इस विषय में जांच के निर्देश दिए ।