इसके आगे छत्तीसगढ के मुसलमानों को गैरमुसलमानों के साथ विवाह करने के लिए वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना आवश्यक

रायपुर (छत्तीसगढ) – राज्य के मुसलमान युवक अथवा युवतियों को गैरमुसलमान व्यक्ति के साथ निकाह (इस्लामी पद्धति से विवाह) करना हो, तो उसके लिए वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होगा । इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक कागदपत्र तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी पडेगी । बिना अनुमति के विवाह निकाह करानेवाले मौलानाओं पर भी (इस्लाम के अध्येता पर भी) कार्यवाही की जा सकती है ।

१. इस नई व्यवस्था के अनुसार राज्य में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का पंजीकरण किया जाएगा तथा केवल पंजीकृत मौलाना ही निकाह करा सकेंगे ।

२. वक्फ बोर्ड का यह कहना है कि ऐसा करने से झूठी पहचान बताकर अथवा कागदपत्र छिपाकर विवाह करनेवालों पर प्रभावीरूप से देखरेख की जा सकेगी ।

३. वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों ने बताया कि आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं के साथ द्रोह कर विवाह करना तथा संपत्ति के विवाद से संबंधित कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं । इन शिकायतों को ध्यान में रखकर ऐसे प्रकरणों पर देखरेख करना तथा सभी निकाहों की प्रविष्टियों को सुरक्षित रखने की योजना बनाई गई है ।

४. बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार ‘वर्तमान समय में अनेक स्थानों पर निकाहों की कोई भी एकत्रित प्रविष्टि नहीं रखी जाती, उससे कुछ अवधि के उपरांत वैवाहिक स्थिति, पहचान एवं कानूनी प्रक्रिया में विवाद उत्पन्न होते हैं । यह नई व्यवस्था लागू होने के उपरांत वक्फ बोर्ड के पास प्रत्येक निकाह की प्रविष्टि सुरक्षित रहेंगी तथा प्रमाणपत्र भी निहित प्रक्रिया के अनुसार लागू किया जाएगा ।’

संपादकीय भूमिका

हिन्दू यदि ऐसा निर्णय लेते, तो तथाकथित अभिव्यक्ति स्वतंत्रताप्रेमी आकाश-पाताल एक करते । अब वे वक्फ बोर्ड के इस निर्णय पर मौन क्यों हैं ?