विद्यालय की बस पर पेड गिरने से छात्र की मृत्यु के प्रकरण में मुंबई महानगरपालिका की जांच समिति का निष्कर्ष !

पेड गिरने के लिए उसके आसपास किया गया कंक्रीटीकरण ही उत्तरदायी !

चेंबूर (मुंबई) – चेंबूर में विद्यालय की बस पर पेड गिरने की दुर्घटना के मूल में संबंधित पेड के आसपास किया गया कंक्रीटीकरण ही उत्तरदायी था । कंक्रीटीकरण के कारण पेड की जडें निर्बल हो गईं, जिससे वह गिर गया । यह निष्कर्ष मुंबई महानगरपालिका द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में दिया है ।

१. चेंबूर में एक विद्यालय की बस पर पीपल का विशाल पेड गिर गया था । इस दुर्घटना में ११ वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मृत्यु हो गई । घटना की जांच के लिए मुंबई महानगरपालिका ने उपायुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) पुरुषोत्तम माळवदे तथा उपायुक्त (अभियांत्रिकी) शशांक भोरे की समिति गठित की । महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने समिति को निर्देश दिए थे कि वह वृक्ष विशेषज्ञों की राय लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय भी सुझाए ।

२. समिति ने वृक्ष विशेषज्ञों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा गिरे हुए पेड की जडों की भी जांच की । इसके अतिरिक्त प्रभाग अधिकारी तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी जानकारी प्राप्त की । इसके आधार पर समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट महानगरपालिका को सौंप दी ।

३. इससे पहले मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने यह अस्वीकार कर दिया था कि पेडों के तने के आसपास किए गए कंक्रीटीकरण के कारण पेड गिर रहे हैं । वहीं मुंबई की महापौर ऋतु तावडे ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया था कि कंक्रीटीकरण के कारण पेडों की हानि हो रही है ।

४. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह पीपल का पेड लगभग ६० वर्ष पुराना था । पेड का एक भाग फुटपाथ एवं सडक से सटा हुआ था । सडक के कंक्रीटीकरण के कारण जडों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे पेड निर्बल होकर गिर गया । समिति ने भविष्य के लिए सुझाव दिया कि पेडों के आसपास कंक्रीटीकरण से बचा जाए, जडों तक पानी पहुंचने की उचित व्यवस्था की जाए तथा यदि निर्माण कार्य या सेवा-लाइन बिछाने के समय पेडों की हानि होती है, तो संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए ।