समोसा खाने के लिए लोकोपाईलट द्वारा रेलगाडी रोके जाने का वीडियो दिशाभ्रम करनेवाला – रेल विभाग

वीडियो में दिखाई गई यात्री रेलगाडी वास्तव में मालगाडी होने का रेल विभाग का स्पष्टीकरण।

इंदौर (मध्यप्रदेश) – समोसा खरीदने के लिए रेल के लोको पाईलट द्वारा रेलगाडी रोके जाने का वीडियो दिशाभ्रम करनेवाला है, ऐसा स्पष्टीकरण पश्चिम रेल विभाग ने दिया है । संबंधित वीडियो इंदौर-महू डेमू पैसेंजर का नहीं है, अपितु वह मालगाडी का है, यह स्पष्ट करते हुए वह अनुचित जानकारी पर आधारित होना का भी रेल विभाग ने स्पष्ट किया है ।

रेल विभाग की जानकारी के अनुसार संबंधित मालगाडी राऊ होम सिग्नल के पास नियोजित अभियांत्रिकी काम के लिए आधिकारिकरूप से रोकी गई थी । इस अवधि में सहायक लोको पाईलट ने निकट ही बेचे जा रही समोसे एवं कचोरी खरीदी, परंतु इस घटना का दुरूपयोग कर लोको पाईलट ने व्यक्तिगत कारणों से यात्री रेल रोकी, यह अफवाह फैलाई गई । आधिकारिक निर्गमनस्थान के अतिरिक्त किसी भी स्थान पर रेलगाडी रोकी नहीं गई है, ऐसा रेल विभाग ने स्पष्ट किया है । रेल विभाग ने इस घटना की आंतरिक जांच आरंभ कर आधिकारिक स्थान पर गाडी रोकने की अवधि में सुरक्षा अथवा सेवा नियमों का कोई उल्लंघन तो नहीं किया गया है ?, इसकी पडताल की जाएगी ।

संपादकीय भूमिका

ऐसे दिशाभ्रम फैलानेवाले वीडियो प्रसारित करनेवालों को आजीवन कारागृह में बंद कर देना चाहिए, तभी ऐसे कृत्य करने का कोई साहस नहीं दिखाएगा ।