प्रधान न्यायाधीश (CJI) के विरुद्ध आपत्तिजनक भाषा का किया प्रयोग !

नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में अपना पक्ष रखने आए प्रबल प्रताप नाम के एक याचिकाकर्ता ने न्यायाधीशों से बहस की तथा न्यायालय में कागजपत्र (दस्तावेज) फेंक दिए । इसके साथ ही उसने देश के प्रधान न्यायाधीश के विरुद्ध भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया । इसके पश्चात सुरक्षाकर्मियों की सहायता से उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाला गया ।
प्रबल प्रताप, लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) के एक अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडिशनल पुलिस कमिश्नर) के विरुद्ध मामला प्रविष्ट करने का आदेश पाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट आया था । उसके मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ (बेंच) के सामने चल रही थी । उसने न्यायालय को ही आदेश देने के स्वर में बात करना आरंभ कर दिया तथा कहा, ‘मैं आपको आदेश देता हूं ।’ इस पर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने आश्चर्य जताते हुए पूछा, ‘क्या आप हमें आदेश दे रहे हैं ?’ इस पर भी प्रबल प्रताप बोलता रहा एवं स्वयं को सर्वोच्च सत्ताधारी बताया । अचानक उसने अपने हाथ में रहे कागदपत्र न्यायालय में फेंक दिए ।
सुप्रीम कोर्ट का कार्रवाई करना किया अस्वीकार !
इस प्रकरण पर न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा, “हम उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेंगे । जहां तक मामले की योग्यता (मेरिट) का सवाल है, हमने कागजपत्रों का अवलोकन किया है । हमें चुनौती दिए गए आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं मिला है । इसलिए विशेष अनुमति याचिका (SLP) को निरस्त किया जाता है । प्रबल प्रताप बहुत परेशान हैं । यह सब उनका आक्रोश (उद्वेग) है । हमें उनके प्रति सहानुभूति है ।”
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