Trump China Visit : अमेरिका एवं चीन साझेदार बनें, प्रतिद्वंद्वी नहीं ! — चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड एवं ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

बीजिंग (चीन) — अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर गए हैं । उन्होंने १४ मई को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भेंट की । दोनों नेताओं के बीच २ घंटे तक बैठक हुई । इसमें ईरान युद्ध, यूक्रेन संकट तथा अन्य वैश्विक विषयों पर चर्चा हुई । बैठक के आरंभ में शी जिनपिंग ने कहा कि पूरा विश्व इस बैठक पर गहनता से दृष्टि रख रहा है । विश्व तेजी से बदल रहा है तथा वैश्विक स्थिरता के लिए अमेरिका-चीन संबंध अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं । दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं, अपितु साझेदार बनना चाहिए । इस अवसर पर ट्रंप ने कहा कि आपका मित्र होना हमारे लिए सम्मान की बात है । अमेरिका एवं चीन के संबंध पहले से भी अधिक अच्छे होने वाले हैं । उन्होंने यह भी बताया कि विश्व के कुछ प्रमुख व्यावसायिक नेताओं को यहां लाया गया है ।

अमेरिका-चीन संबंधों में ताइवान सबसे महत्त्वपूर्ण विषय ! — शी जिनपिंग

बैठक में शी जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका-चीन संबंधों में ताइवान सबसे महत्त्वपूर्ण विषय है । यदि इस विषय को अयोग्य रूप से संभाला गया, तो स्थिति संकटकारी हो सकती है । ताइवान की स्वतंत्रता एवं ताइवान जलडमरूमध्य में शांति — ये दोनों बातें एक-दूसरे के विपरीत हैं ।

क्षेत्रीय अस्थिरता का एकमात्र कारण चीन ! — ताइवान का प्रत्युत्तर

शी जिनपिंग के बयान के उपरांत ताइवान ने प्रतिक्रिया दी है । ताइवान सरकार ने कहा है कि चीन की सैन्य गतिविधियां ताइवान जलडमरूमध्य एवं इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य कारण हैं । ताइवान की कैबिनेट प्रवक्ता मिशेल ली ने कहा कि चीन की सैन्य धमकी ही क्षेत्रीय तनाव का एकमात्र कारण है । सुरक्षा बनाए रखने के लिए रक्षा क्षमता बढाना अत्यावश्यक है ।

संपादकीय भूमिका

दो विश्वासघाती लोग एक साथ आने के उपरांत एक-दूसरे पर विश्वास करेंगे, ऐसी अपेक्षा कोई कर सकता है क्या ? दोनों चाहे कुछ भी कहें, इन पर कोई भी विश्वास नहीं करेगा !