धनबाद (झारखंड) – अक्षय तृतीया को हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा एक विशेष ‘ऑनलाइन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इसमें अनेक धर्मप्रेमियों ने सहभाग लेकर धर्मज्ञान का लाभ लिया । पुराणों में वर्णित संदर्भों के माध्यम से यह बताया गया कि अक्षय तृतीया के दिन किया दान एवं हवन कभी क्षीण नहीं होता । अक्षय तृतीया को दान देना ही पर्याप्त नहीं, अपितु सत्पात्र को दान देना अत्यंत आवश्यक है । संत, धर्मप्रसार करनेवाली संस्थाएं तथा राष्ट्र-धर्म जागृति के कार्य में लगे व्यक्तियों को दान करना ही कालानुसार श्रेष्ठ ‘सत्पात्रे दान’ है । इसी संदर्भ में समिति के हिन्दू जनजागरण एवं धर्मप्रसार के कार्य हेतु दान करने का आवाहन किया गया । इस कार्यक्रम में झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा से धर्मप्रेमी जुडे थे ।

आषाढी वारी में श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी, इसकी चिंता करें – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की पाठ्यपुस्तक में मराठा साम्राज्य का इतिहास पुनः सम्मिलित करने के लिए केंद्र सरकार से विचार विमर्श निरंतर हो रहा – दादा भुसे, स्कूली शिक्षा मंत्री आवश्यक सामग्री केंद्र शासन को प्रस्तुत ।
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धर्म छिपाकर विवाह करने से भले ही वह अवैध ठहरा, फिर भी पीडिता को गुजारा भत्ता (पोटगी) पाने का अधिकार ! – Madhya Pradesh High Court
मुंबई लोकल रेलगाडियों में चल रहे धर्मांतरण एवं पाखंड का गुप्त संकट रोकने के लिए विशेष नियमावली तैयार करेंगे।